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माउंट आबू-माउंट आबू में भारी मात्रा में अवैध निर्माण सामग्री जब्त पालिका आयुक्त ने दिए जांच के आदेश, चुंगी नाके से कैसे आई सामग्री ?
माउंट आबू में भारी मात्रा में अवैध निर्माण सामग्री जब्त की गई है। यह कार्रवाई सोमवार देर शाम तक चली। इस दौरान 2000 से ज्यादा सीमेंट ब्लॉक, सीमेंट के कट्टे और टाइल्स जब्त की गई।
माउंट आबू साल 2009 से इको-सेंसिटिव जोन घोषित है,जिसके कारण यहां निर्माण सामग्री लाने की प्रक्रिया बेहद जटिल और लंबी है। इस घटना ने प्रशासन को जांच के आदेश देने पर मजबूर कर दिया है।
निर्माण कार्य के लिए लेनी होती है अनुमति
यहां किसी भी निर्माण कार्य के लिए, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, नगर पालिका से अनुमति लेनी पड़ती है। इसके लिए प्रार्थना पत्र के साथ आवश्यक सामग्री की जानकारी देनी होती है। इसके बाद नगर पालिका और उपखंड अधिकारी कार्यालय द्वारा निर्माण स्थल का 3 से 4 बार निरीक्षण किया जाता है। जेईएन स्तर के अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि मांगी गई सामग्री सही है और जरूरत से ज्यादा नहीं है।
SDM जारी करते है हर सामग्री के लिए टोकन
सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद, फाइल उपखंड अधिकारी कार्यालय भेजी जाती है, जहां माउंट आबू के एसडीएम प्रत्येक सामग्री के लिए अलग-अलग टोकन जारी करते हैं। इसके बाद ही निर्माण सामग्री लाने की प्रक्रिया शुरू होती है। लाई गई सामग्री की चुंगी नाके पर 2 से 3 बार अलग-अलग तरीकों से जांच होती है, जिसमें वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी शामिल है। सामग्री रखने वाले स्थान की भी फोटोग्राफी की जाती है।
पालिका आयुक्त ने सख्त जांच के दिए आदेश
इतनी लंबी और जटिल प्रक्रिया के बावजूद 2000 से अधिक सीमेंट ब्लॉक, सीमेंट के कट्टे और टाइल्स जैसी भारी मात्रामें अवैध निर्माण सामग्री चोरी-छिपे माउंट आबू में पहुंच गई, जिसकी भनक तक नगर पालिका को नहीं लगी। यह अपने आप में हैरान करने वाली बात है।
प्रशासन ने सोमवार देर शाम 9 बजे तक इस पूरी सामग्री को जब्त करने की कार्रवाई की। पालिका आयुक्त स्वयं मौके पर मौजूद रहे। मंगलवार सुबह उन्होंने इस मामले की सख्त जांच के आदेश दिए हैं, ताकि यह पता चल सके कि इतनी भारी मात्रा में सामग्री चुंगी नाके से कैसे अंदर आई।


