श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय, वरकाणा में आज सैनिक प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
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श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय, वरकाणा में आज सैनिक प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
नगराज वैष्णव
वरकाना श्री पार्श्वनाथ जैन विद्यालय मे देशभक्ति, अनुशासन एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। शिविर में सेना, नौसेना एवं वायुसेना से संबंधित प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व सैनिक कल्याण सेवा परिषद, जोधपुर प्रांत के पूर्व सैनिकों ,विद्यालय परिवार और ग्रामीणों द्वारा वरकाणा ग्राम के शहीद वीर जवान जोधाराम सीरवी (1971) को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात भारत माता की जय के नारों के साथ गांव में भव्य रैली निकाली गई।
कार्यक्रम में सूबेदार मेजर मूलाराम भाटी (आर्मी), सार्जेंट मोतीलाल देवासी (एयरफोर्स), कैप्टन पेमाराम चौधरी (आर्मी), लेफ्टिनेंट पेमाराम चौधरी (आर्मी), हवलदार प्रदीप चौधरी (आर्मी), नायक बाबूलाल राव (आर्मी), विक्रम राठौड़ (नेवी) सहित अनेक पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
संस्था के दिनेश चौधरी ने संस्था का परिचय देते हुए सैनिक प्रशिक्षण सेवा की एकता, अनुशासन एवं राष्ट्र निर्माण में इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। अमिता गांधी ने विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना जागृत करने का आह्वान किया। राष्ट्रकवि युगराज जैन ने वीर रस की रचनाओं के माध्यम से देशभक्ति का संचार किया। रानी ब्लॉक सीबीईओ सुमेर सिंह सोनिगरा ने विद्यार्थियों को साहसी, अनुशासित एवं बलवान बनने की प्रेरणा दी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. सचेंद्र बोहरा ने एनसीसी एवं सैन्य सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर शहीद जोधाराम सीरवी की धर्मपत्नी वीर नारी पानी देवी एवं शहीद परिवार का सम्मान कर अभिनंदन किया गया। सूबेदार मेजर मूलाराम भाटी ने विद्यार्थियों को “राष्ट्र प्रथम, चरित्र उत्तम” के सिद्धांत पर चलने की प्रेरणा दी।
शिविर के प्रथम दिन पूर्व सैनिकों एवं प्रशिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को सैन्य सेवा, अधिकारी बनने के मार्ग तथा विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों एवं बालिकाओं ने दिनभर प्रशिक्षण गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर का प्रथम दिवस जोश, उल्लास और प्रेरणा के साथ संपन्न हुआ, जिससे विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी सहसचिव उमेशचंद भंडारी, सह कोषाध्यक्ष राजकुमार राठौड़ सहित सभी कार्मिक उपस्थित रहे। संस्था अध्यक्ष बाबूलाल मंडलेशा एवं सचिव भरत परमार ने ऐसे आयोजनों को राष्ट्र सेवा का श्रेष्ठ अवसर बताया।
