• March 21, 2026

3 साल तक छिपा रहा था नशे का कारोबारी: फोन नहीं रखता था, रास्ते के लोगों के मोबाइल से करता था संपर्क, 3 साल बाद पकड़ा गया

PALI SIROHI ONLINE

उदयपुर-नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार के खिलाफ ‘ऑपरेशन मदाभूत’ के तहत एएनटीएफ (एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उदयपुर के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। करीब तीन साल से फरार चल रहे और 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी प्रकाश डांगी को जयपुर से दबोचा गया। आरोपी उदयपुर जिले के कुराबड़ थाना क्षेत्र का निवासी है और लंबे समय से नशीली दवा के कारोबार में लिप्त था।एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी ने वर्ष 2015 से मेडिकल क्षेत्र में काम करना शुरू किया था। दवा दुकानों और अस्पतालों में काम करते हुए उसने धीरे-धीरे इस क्षेत्र के गुर सीख लिए। इसके बाद वर्ष 2019 में उसने ‘कृष्णा मेडिकल’ नाम से अपना मेडिकल स्टोर खोला। अवैध तरीके से बिना पर्ची नशीली दवाइयों की बिक्री शुरू कर दी। विशेष रूप से खांसी की दवाओं का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग करते हुए उसने कई युवाओं को नशे की लत में धकेल दिया। वर्ष 2023 में उदयपुर के डबोक थाने में इसके खिलाफ पहला मामला दर्ज हुआ था। अब तक 7 मामले दर्ज हैं।

रास्ते में लोगों के फोन लेकर परिजनों से सम्पर्क करता था आरोपी

एएनटीएफ को मेवाड़ क्षेत्र में गुजरात से नशीली दवाइयों की सप्लाई की सूचना मिली। एएनटीएफ टीम ने आरोपी की तलाश में गुजरात में डेरा डाला। आरोपी बेहद शातिर था और मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था। वह रास्ते में लोगों के फोन लेकर अपने परिजनों से संपर्क करता। ऐसे में पुलिस द्वारा ट्रेस करने पर चुनौति बना रहा। आखिरकार जयपुर रेलवे स्टेशन पर अपनी पत्नी से मिलने पहुंचे आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क से जुड़े कई अहम नामों का खुलासा कर रहा है, जिससे आने वाले समय में और भी बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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