• March 31, 2026

ACB ने गिरदावर को रिश्वत लेते पकड़ा: किसान से 15 हजार की घूस ले रहा था, तहसीलदार भी रडार पर

PALI SIROHI ONLINE

उदयपुर-उदयपुर की एसीबी स्पेशल यूनिट ने 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरदावर को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी गिरदावर ने एक किसान की जमीन के कागजों में हुई गलती को सुधारने के बदले यह रिश्वत मांगी थी।

एसीबी टीम ने सोमवार को वल्लभनगर तहसील के भू-अभिलेख निरीक्षक (गिरदावर) देवेंद्र सिंह राणावत को रंगे हाथों पकड़ा। वहीं कार्रवाई के बाद मामले में अब वल्लभनगर तहसीलदार सुरेंद्र छीपा की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है, क्योंकि आरोपी गिरदावर बार-बार तहसीलदार के नाम पर ही शिकायत करने वाले किसान से रुपए की डिमांड कर रहा था।

मामला जिले की वल्लभनगर तहसील के राणाकुई गांव से जुड़ा है। पीड़ित किसान के पास करीब 5 बीघा कृषि भूमि है। सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर या गलती की वजह से इस खेती की जमीन (बारानी तृतीय) को कागजों में ‘भवन’ दर्ज कर दिया गया था। किसान अपनी ही जमीन को वापस खेती की जमीन दर्ज कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा था। उसने इसकी शुद्धि के लिए वल्लभनगर तहसीलदार के सामने प्रार्थना पत्र पेश किया था। तहसीलदार ने मामले की जांच के लिए पटवारी को भेजा।15 हजार में ऑनलाइन रिकॉर्ड सही करने का दिया भरोसा

तहसील कार्यालय में कार्यरत भू-अभिलेख निरीक्षक देवेंद्र सिंह राणावत ने किसान को अपने जाल में फंसा लिया। उसने कहा- जमीन की किस्म ‘भवन’ से बदलकर फिर से ‘बारानी तृतीय’ कर दी जाएगी और तहसीलदार से आदेश भी करवा दिए जाएंगे। इसके बदले उसने 15 हजार रुपए की मांग रख दी। गिरदावर ने भरोसा दिलाया वो अपनी सरकारी आईडी (RPG ID) से इसे ऑनलाइन अपलोड कर रिकॉर्ड भी दुरुस्त कर देगा।

परेशान किसान ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की स्पेशल यूनिट को 13 फरवरी को इसकी शिकायत की थी। एसीबी के डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में टीम ने प्लानिंग की। इस पर एएसपी राजीव जोशी और इंस्पेक्टर लक्ष्मणलाल डांगी ने 13 और 23 फरवरी को रिश्वत की मांग का सत्यापन करवाया।

बातचीत के दौरान यह साफ हो गया कि गिरदावर देवेंद्र सिंह खुलेआम रुपए मांग रहा है। उसने बातों-बातों में कहा- यह काम ‘साहब’ यानी तहसीलदार से करवाना होगा, इसलिए पैसे तो देने ही पड़ेंगे। तय प्लान के अनुसार जैसे ही किसान रिश्वत के 15 हजार रुपए लेकर गिरदावर के पास पहुंचा और पैसे दिए, तभी पहले से तैयार बैठी एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया। एसीबी की कार्रवाई से पूरी तहसील में हड़कंप मच गया।गिरदावर ले रहा बार-बार तहसीलदार का नाम

फिलहाल एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में टीम आरोपी से कड़ी पूछताछ कर रही है। एसीबी अधिकारियों ने कहा- आरोपी गिरदावर बार-बार तहसीलदार का नाम ले रहा था। इससे तहसीलदार सुरेंद्र छीपा की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। टीम अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इस रिश्वतखोरी में ऊपर तक हिस्सा जा रहा था। गिरदावर के ठिकानों पर भी तलाशी ली जा रही है, ताकि आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया जा सके।

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