तखतगढ-जिले के किसानों को बड़ी राहत: MSP पर गेहूं खरीद जारी रखने की मिली अनुमति
PALI SIROHI ONLINE
खीमाराम मेवाडा
जिले के किसानों को बड़ी राहत: MSP पर गेहूं खरीद जारी रखने की मिली अनुमति
तखतगढ 23 अप्रेल (खीमाराम मेवाडा) जिले में भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अंतर्गत संचालित खरीद केंद्र सांडेराव एवं सुमेरपुर पर किसानों द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं विक्रय हेतु भारी संख्या में पंजीकरण करवाया गया। प्रत्येक केंद्र पर 5000 मीट्रिक टन से अधिक पंजीयन होने के कारण केंद्रों के प्रारंभ होने के मात्र 10 से 15 दिनों के भीतर ही दोनों केंद्रों की प्रारंभिक खरीद क्षमता (कुल 913 मीट्रिक टन) पूर्ण हो गई।
खरीद क्षमता पूर्ण होने के कारण केंद्रों के बंद होने की स्थिति बन रही थी, जिससे क्षेत्र के किसानों में चिंता का माहौल उत्पन्न हो गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जयेंद्र सिंह गलथनी द्वारा किसानों के हितों की रक्षा हेतु यह मामला कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के संज्ञान में लाया गया।
कैबिनेट मंत्री ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत इस विषय पर संज्ञान लिया एवं राजस्थान सरकार के मुख्य खाद्य सचिव अमरीश कुमार से वार्ता कर स्थिति से अवगत करवाया। साथ ही इस संबंध में विस्तृत लिखित जानकारी भी प्रेषित की गई।
और मंत्री द्वारा इस संबंध में तुरंत प्रभाव से की गई त्वरित कार्यवाही के चलते किसानों को बड़ी राहत मिली। इसके अतिरिक्त, मंत्री द्वारा सभी नजदीकी सहायक अधिकारियों एवं स्थानीय कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित कर किसानों के हितों की रक्षा हेतु बेहद सटीक एवं प्रभावी निर्णय लिए गए।
खरीद केंद्रों की वर्तमान स्थिति:
सुमेरपुर खरीद केंद्र पर अब तक कुल 488 किसानों द्वारा 5564 मीट्रिक टन खाद्यान्न हेतु पंजीकरण करवाया गया है, जिसमें से 123 किसानों से लगभग 900 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
वहीं सांडेराव खरीद केंद्र पर अब तक कुल 460 किसानों द्वारा 5340 मीट्रिक टन खाद्यान्न हेतु पंजीकरण हुआ है, जिसमें से 110 किसानों से लगभग 920 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूर्ण की जा चुकी है।
मुख्य खाद्य सचिव द्वारा सकारात्मक निर्णय लेते हुए जिले के किसानों को राहत प्रदान की गई तथा निर्देश जारी किए गए कि पूरे राजस्थान की निर्धारित खरीद सीमा पूर्ण होने तक पाली जिले के इन केंद्रों पर गेहूं खरीद जारी रखी जाएगी।
इस निर्णय से जिले के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिली है तथा उन्हें अपने उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय सुनिश्चित हो सकेगा। किसान संगठनों एवं स्थानीय कृषकों ने इस त्वरित एवं संवेदनशील निर्णय के लिए कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत एवं संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
