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खीमाराम मेवाडा
तखतगढ़-रोडवेज बस मे महिला यात्री के बैग से लाखो के सोने चांदी के जेवरात चोरी के दो माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली, महिला ने एसपी पाली को शिकायत भेजकर शीघ्र खुलासे की उठाई मांग, यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की उठाई मांग
तखतगढ 7 जुलाई (खीमाराम मेवाडा) 1 मई को साण्डेराव से जालोर जालोर जा रही बाड़मेर आगार की रोडवेज बस में सवार महिला यात्री के बैग से अज्ञात लूटेरो द्वारा लाखो रूपए के सोने-चांदी के जेवरात सहित नकदी की भारी लूट होने के बाद महिला यात्री रोहिट तहसील के बीजा निवासी लीला कंवर पत्नी गोपाल सिंह राजपुरोहित द्वारा पुलिस थाना तखतगढ मे मामला दर्ज करवाने के दो माह गुजरने के बाद भी अब तक पुलिस के हाथ खाली ही नजर आ रहे है। ऐसे मे अब पुलिस की कायॅशेली पर गंभीर सवाल खडे होने लगे है।
मंगलवार को पिडीत लीला कंवर ने पाली पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन को शिकायत भेजकर मामले का अति शीघ्र खुलासा कर जेवरात बरामद करने एव जांच मे दोषियो ने विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग उठाई है। पत्र मे बताया गया की प्रार्थीया श्रीमती लीला राजपुरोहित, पत्नी गोपाल सिंह राजपुरोहित, निवासी ग्राम बींजा, तहसील रोहट, द्वारा 01 मई 2026 को पुलिस थाना तखतगढ़ में एफआईआर संख्या 91/2026 धारा 303(2) बी.एन.एस. के तहत बस स्टैंड तखतगढ़ पर बस यात्रा के दौरान बैग से लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी।
लेकिन उक्त घटना को लगभग दो माह का समय व्यतीत हो चुका है। लेकिन आज दिन तक पुलिस द्वारा न तो चोरी का खुलासा किया गया है, न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही चोरी गया सामान बरामद किया गया है। इससे प्रार्थीया एवं उनके परिवार में गहरा आक्रोश एवं निराशा व्याप्त है। जिस से प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि प्रकरण की जांच अपेक्षित गंभीरता एवं प्रभावी ढंग से नहीं की जा रही है। यदि समय रहते सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की गहन जांच की जाती, तो संभवतः अब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गया सामान बरामद किया जा सकता था।
उक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाई जाए। और जांच अधिकारी को शीघ्र खुलासा करने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान कर
अज्ञात आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। और
चोरी किए सोने-चांदी के समस्त आभूषणों की शीघ्र बरामदगी करवाईजाए।
यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

