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खीमाराम मेवाडा
तखतगढ़ में बस से लाखों के आभूषण चोरी, 117 दिन बाद भी नहीं हुआ खुलासा
तखतगढ़ 26 अगस्त (खीमाराम मेवाडा) तखतगढ़ बस स्टैंड पर बस यात्रा के दौरान महिला यात्री के बैग से लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण चोरी होने की घटना को 117 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मामले का खुलासा नहीं होने से पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार 1 मई 2026 को सांडेराव से तखतगढ़ बस स्टैंड पर बस यात्रा के दौरान लीला राजपुरोहित के बैग से लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण चोरी हो गए थे। मामले में पुलिस थाना तखतगढ़ में एफआईआर संख्या 91/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
घटना के बाद पुलिस द्वारा जांच शुरू की गई, लेकिन 117 दिन बीत जाने के बावजूद न तो चोरी का खुलासा हुआ, न किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई और न ही चोरी गए आभूषण बरामद किए जा सके हैं। इतनी लंबी अवधि के बाद भी जांच में ठोस परिणाम सामने नहीं आने से पीड़ित परिवार में स्वाभाविक रूप से निराशा और आक्रोश है।
मामले में पुलिस की जांच पर अब गंभीरता से सवाल उठना लाजिमी है। यदि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान पर दिनदहाड़े लाखों रुपये के आभूषण चोरी हो जाते हैं और करीब चार महीने बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाती, तो यह पुलिस की जांच व्यवस्था और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर चिंता का विषय है।
पीड़ित परिवार ने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले को महज लंबित जांच के रूप में न रखा जाए, बल्कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल एवं तकनीकी साक्ष्यों, बस में मौजूद यात्रियों, संदिग्ध व्यक्तियों तथा पूर्व में इस प्रकार की वारदातों में संलिप्त अपराधियों की गहनता से जांच की जाए। साथ ही जांच की प्रगति की नियमित समीक्षा कर दोषियों को जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाए।
पुलिस प्रशासन से अपेक्षा है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले में ठोस और परिणामकारी कार्रवाई की जाएगी। आखिर लाखों रुपये के आभूषण चोरी होने के मामले में 117 दिन बाद भी यदि कोई सुराग नहीं मिलता, तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जांच की प्रगति की समीक्षा और जवाबदेही तय करना भी जरूरी हो जाता है।
अब देखना यह है कि 117 दिन से लंबित यह मामला कब सुलझता है, आरोपी कब पुलिस की गिरफ्त में आते हैं और पीड़ित परिवार के चोरी गए आभूषण कब बरामद होते हैं। ?


