PALI SIROHI ONLINE
खीमाराम मेवाडा
तीन साल बाद भी विनाशकारी बिपरजॉय को जनता अभी भूली नही है,तखतगढ निकाय चुनाव मे शुद्ध पेयजल और बरसाती पानी की निकासी नही होना प्रत्याशीयो के सामने मुख्य मुद्दा
तखतगढ 5 सितम्बर (खीमाराम मेवाडा) इस बार 11 सितम्बर को होने जा रहे तखतगढ नगर पालिका के 25 वार्डो के लिए आम चुनाव को लेकर पालिका के वार्ड 22 की निर्दलीय प्रत्याशी शिल्पा के निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद अब 24 वार्डो मे भाजपा- कांग्रेस एव निर्दलीय कुल 87 प्रत्याशीयो को चुनाव चिह्न आवंटित होने के बाद 24 वार्डो मे त्रिकोणीय मैदान में हर गली मोहल्ले मे भाजपा- कांग्रेस और निर्दलीयो ने भी शनिवार को चुनावी कार्यालय उद्घाटन के साथ चुनावी जाजम बिछाकर लुभावने वादे कर प्रचार प्रसार का सिलसिला तेजी से शुरू कर दिया है।
चुनावी कार्यालय में महिला मंडल द्वारा भजन कीर्तन के साथ प्रत्याशियों द्वारा रात्रि चुनावी सभा के आयोजन करने पर उनके सामने इस बार तखतगढ निकाय चुनाव 2026 मे महावीर बस्ती से लेकर खारचियावास,राजपुरा रोड, धोरावास, और रामकावावास के वार्ड नंबर 8,से लेकर 9,10, 11,12,13,14,15,16,और 17 तक संपूर्ण डुब क्षेत्र की जनता का प्रत्याशीयो के सामने धरातल पर विकास को लेकर जवाई का शुद्ध पेयजल और बरसाती पानी की निकासी नही होना मुख्य मुद्दा बन गया है।
यहा की जनता तीन साल गुजरने के बाद भी विनाशकारी बिपरजॉय को अभी भूली नही है। और वही बिपरजॉय की काली रात तबाही का मंजर आज भी तखतगढ़ के सीने में जिंदा है। तीन वर्ष पूर्व 18 जून 2023 और 10 जुलाई की वह काली रात जब भी मानसून का दौर शुरू होता है। तो कस्बेवासियों की रूह कांपने लग जाती है। जब विनाशकारी चक्रवात विपरजॉय चक्रवात ने तखतगढ़ को जलप्रलय में बदल दिया था। आधी रात को गरजती हवाओं और मूसलाधार बारिश के बीच लोग अपने घरों की छतों पर खड़े होकर पानी का बढ़ता स्तर देख रहे थे और देखते ही देखते चारों तरफ घर, दुकानें और सपने सब पानी में डूब गए।
उसी दरमियांन जिस की शादी थी उसका तो शादी से सप्ताह भर पहले ही जड़ से आशियाना उजड़ गया था। महावीर बस्ती, खारचियावास, धोरावास, डाकलो का वास, रामकावावास से लेकर जालोर चौराहे और पुलिस थाने तक का इलाका जलसमाधि में बदल गया था। लोग अपने बच्चों को कंधों पर उठाकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में भाग रहे थे। बुजुर्गों की आँखों में भय, महिलाओं की चीखें और अंधेरे में बहता सामान उस रात का हर दृश्य आज भी लोगों की स्मृतियों में जख्म बनकर दर्ज हो चुके है। और सबसे बड़ा आघात व्यापारियों को झेलना पड़ा। सुबह जब पानी उतरा, तो दुकानों में सारा सामान सड़ चुका चुका था, कीचड़ में दबे कागजात और बर्बाद पूजी देखकर कई लोगों की आंखों से आंसू रुक नहीं पाए।
करोड़ों रुपये का नुकसान झेल चुकी जनता आज प्रत्याशीयो से पुछ रही है। क्या तीन साल पूर्व तूफ़ान ने जो लूटा, उससे बड़ा घाव सरकार की बेरुखी ने दिया। जिन्होने आज तक बरसाती पानी निकासी का कोई प्रबन्ध नही कर 9 करोड की परियोजना को तालाब सौन्दर्यीकरण के नाम और 12 करोड को परियोजना मे मैन रोड चौडाई एव तालाब मे बरसाती पानी लाने के लिए दोनो साइडो मे नाला निर्माण को अमलीजामा पहनाने तुले हुए है। लेकिन तालाब का ऑवरफलो पानी निवासी के लिए आज तक कोई योजना नही बनी तालाब सौन्दर्यीकरण नगर के अच्छी बात लेकिन सबसे पहले ऑवरफलो पानी निवासी की व्यवस्था होना जरूरी है। कई वार्ड ऐसे है जहा पीछले 5 साल से नालिया नही तक नही बनी और विकास की बात करते हो आखिर इतना भेदभाव क्यो लोगो का कहना है। की अब की बार निकाय चुनाव मे कोई भाजपा- कांग्रेस को समर्थन नही सिर्फ और सिर्फ विकास पुरूष को ही समर्थन मिलेगा चाहे निर्दलीय ही क्यो न खडा हो।

