तखतगढ-शिक्षा में बिना निस्स्वार्थ भाव से सहयोग कर समाज को आगे बढ़ाने का प्रयास करें
PALI SIROHI ONLINE
खीमाराम मेवाडा
शिक्षा में बिना निस्स्वार्थ भाव से सहयोग कर समाज को आगे बढ़ाने का प्रयास करें
एक शाम बाबा साहब आंबेडकर के नाम विशाल भजन संध्या व प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित
तखतगढ 15 अप्रेल (खीमाराम मेवाडा) बी.आर.अंबेडकर एज्युकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी बारह गांव मेघवाल समाज पावटा मुख्यालय उम्मेदपुर के बैनर तले एक शाम बाबा साहब के नाम एवं प्रतिभा सम्मान समारोह कार्यक्रम हर्षोल्लास पूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में श्री श्री 1008 श्री गणेश नाथ जी महाराज सांचोंर के पावन सानिध्य में एवं आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित, श्रीमती रमीला मेघवाल अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी जालौर की गरिमा मय उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
वही भजन कलाकार नारायण जौधा साचोर, व मनीष परिहार तखतगढ़ ने अम्बेडकर के जीवन पर शानदार भजनों की प्रस्तुति दी वहीं अतिथियों द्वारा प्रतिभा शाली बच्चों व भामाशाहों का सम्मान किया गया इस दौरान श्री गणेशनाथ महाराज ने बताया कि
बाबा साहब के योगदान को नमन करते हुए समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय पर केंद्रित हो। शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो आप सभी को मेरा सादर प्रणाम और अम्बेडकर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं वहीं अम्बेडकर जेसे महापुरुष का जन्म हुआ, जिसने भारत के करोड़ों वंचितों, दलितों और महिलाओं का भाग्य बदल दिया। आज हम सब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं।
बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, दृढ़ता और अथाह ज्ञान की कहानी है। एक ऐसे समय में जब समाज में छुआछूत और जाति-भेद चरम पर था, उन्होंने शिक्षा को अपना सबसे शक्तिशाली हथियार बनाया। वे न केवल संविधान के शिल्पकार बने, बल्कि एक महान अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और विधिवेत्ता भी थे। वही विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि भीमराव अम्बेडकर भारत के पहले कानून मंत्री बने और उन्होंने संविधान के माध्यम से कानून के सामने सबको एक समान खड़ा किया। चाहे कोई अमीर हो या गरीब, राजा हो या रंक, आज हम सभी के पास जो मौलिक अधिकार हैं, वे बाबा साहेब की ही देन हैं। उन्होंने समाज के सबसे कमजोर वर्ग को गले लगाया और उन्हें आत्मविश्वास दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रमीला मेघवाल ने बताया कि “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”। शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा, वह दहाड़ेगा। उन्होंने महिलाओं के हकों की ज़ोरदार वकालत की और कहा था, “मैं किसी भी समाज की तरक्की इस बात से नापता हूं कि उस समाज की महिलाओं ने कितनी तरक्की की है”।
वही बारह गांव के समाज के बड़े बुजुर्गों ने विधायक छगनसिंह राजपुरोहित को समाज हित के लिए कायॅ करने के लिए ज्ञापन दिया गया।
