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खीमाराम मेवाडा
सुमेरपूर- बलाना में 4 लोगों पर जानलेवा हमले का मामले मे 24 दिन बाद पुलिस ने 3 आरोपीयो को किया गिरफ्तार – बुधवार को करेंगे न्यायालय में पेश
पीड़ित परिवार के सदस्यों ने आईजी एव कैबिनेट मंत्री से शिकायत करने के बाद हुई कार्रवाई
तखतगढ 2 जून (खीमाराम मेवाडा) 24 दिन पूर्व बलाणा गांव में बलाना में 4 लोगों पर लोहे के सरियो से जानलेवा हमले के मामले मे 24 दिन बाद पुलिस ने मंगलवार को हमले के आरोपी रमेश कुमार पुत्र हिमताराम मीणा, सुरेश कुमार पुत्र शेषाराम मीणा व कांतिलाल पुत्र रंगनाराम मीणा निवासीगण दुबाना को गिरफ्तार किए है।
सहायक उप निरीक्षक गोपाल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में किया जाएगा। दरअसल थाना क्षेत्र के बलाना गांव में 9 मई को हुए बहुचर्चित जानलेवा हमला प्रकरण में अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए बार-बार आईजी एव कैबिनेट मंत्री से शिकायत कर पीड़ित परिवार के सदस्यों द्वारा न्याय की गुहार लगाते हुए बताया गया कि 9 मई को बाबूलाल मीणा, जितेन्द्र कुमार मीणा, मांगीलाल मीणा एवं पुराराम मीणा पर लोहे की सरियों और रॉड से हमला किया गया था।
हमलावरों ने सीधे सिर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे चारों गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार का कहना है कि यह कोई सामान्य मारपीट नहीं थी, बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया जानलेवा हमला था। उक्त घटना में पुराराम मीणा के सिर में अत्यंत गंभीर चोट आई, जिसके चलते उन्हें गुजरात के अहमदाबाद रेफर करना पड़ा।
वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनके सिर की गंभीर सर्जरी की गई। वहीं बाबूलाल मीणा के सिर में गंभीर चोट के साथ हाथ में फ्रैक्चर पाया गया। जितेन्द्र कुमार मीणा के सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उनके कानों से लगातार खून बहता रहा, जिसके कारण उन्हें भी उच्च उपचार के लिए गुजरात रेफर करना पड़ा। जबकि मांगीलाल मीणा के सिर में गंभीर चोट आने के साथ-साथ उनके जबड़े की हड्डी फ्रैक्चर होना सामने आया था। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब चार-चार लोगों के सिर पर लोहे की सरियों से वार किए गए, एक व्यक्ति के सिर का ऑपरेशन करना पड़ा, कई लोगों को गुजरात रेफर करना पड़ा और गंभीर फ्रैक्चर सामने आए, तब भी यदि मामले को सामान्य रूप में लिया जा रहा है तो यह न्याय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। परिवार का आरोप है कि घटना के बाद से लगातार पुलिस अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाने के बावजूद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इससे पीड़ित पक्ष को यह आशंका होने लगी है कि कहीं न कहीं प्रभावशाली लोगों के दबाव में आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
परिवार का यह भी आरोप है कि आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूम रहे हैं तथा लोगों के बीच यह संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। पीड़ित परिवार ने दावा किया है कि आरोपियों द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे परिवार और गवाहों में भय का वातावरण बना हुआ है। परिजनों का कहना है कि हमले के बाद से उनका परिवार मानसिक तनाव, आर्थिक संकट और असुरक्षा की स्थिति से गुजर रहा है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित सख्ती दिखाई नहीं दे रही। परिवार ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि घायलों की मेडिकल रिपोर्ट, सर्जरी, फ्रैक्चर और अन्य चिकित्सकीय दस्तावेजों को आधार बनाकर मामले की गंभीरता के अनुरूप कठोर कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जाए तथा सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही निष्पक्ष कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई और मामले में गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे पुलिस थाना तखतगढ़ के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह केवल चार घायलों का मामला नहीं है, बल्कि कानून के राज और आम नागरिक की सुरक्षा का सवाल है। यदि इतने गंभीर हमले के बाद भी आरोपी खुलेआम घूमते रहें, तो आम आदमी का कानून और पुलिस व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होना स्वाभाविक है।
और आखिर शिकायत के बाद मंगलवार को 24 दिन बाद पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है पुलिस तीनों को आज न्यायालय में पेश करेगी।
