PALI SIROHI ONLINE
जय नारायण सिंह सोजत
समाजसेवी शर्मिला टाक की शोकसभा में उमड़ा जनसैलाब, देश-प्रदेश से पहुंचे जनप्रतिनिधियों एवं समाज बंधुओं ने दी श्रद्धांजलि
लसानी/राजसमंद/पाली/जोधपुर
मूल रूप से लसानी (राजसमंद) निवासी एवं वर्तमान में बेंगलुरु प्रवासी प्रख्यात समाजसेवी शर्मिला टाक (पद्मावती) के निधन पर बुधवार को उनके पैतृक गांव लसानी में आयोजित शोकसभा में श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रीमती टाक का 26 मई 2026 को बेंगलुरु में निधन हो गया था, जिसके बाद पूरे टाक (माली) समाज एवं क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त हो गई।
बुधवार, 10 जुन 2026 को बस स्टैंड के निकट स्थित गणेश वाटिका, लसानी में आयोजित शोकसभा संपन्न हुई। कार्यक्रम में राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से समाज बंधु, प्रवासी राजस्थानी, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में पहुंचे और दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित वक्ताओं ने स्वर्गीय शर्मिला टाक के सामाजिक, धार्मिक एवं मानवीय कार्यों को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई थी। उनके सरल, मिलनसार एवं सेवाभावी व्यक्तित्व को सदैव याद रखा जाएगा।
इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों तथा जनप्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान किया। श्रद्धांजलि सभा में उनके पति विजेन्द्रकुमार टाक, पुत्र नितिन टाक एवं लोहित टाक, पुत्री पूजा, पुत्रवधुएं विनीता एवं शिवानी सहित परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। देश-विदेश से पहुंचे परिजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने परिवारजनों से मिलकर अपनी भावपूर्ण संवेदनाएं व्यक्त कीं।
गौरतलब है कि स्वर्गीय शर्मिला टाक अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। परिवार द्वारा संचालित पद्मावती ज्वैलर्स एवं पद्मावती फ्लोरिंग सॉल्यूशंस जैसे प्रतिष्ठित व्यवसाय बेंगलुरु में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। शोकसभा के दौरान पूरे वातावरण में श्रद्धा, संवेदना और भावुकता का माहौल बना रहा तथा सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

