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सिरोही-राज्य सरकार की शिक्षा नीति और व्यवस्थाओं पर सवाल तेज हो रहे हैं। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया है।
उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में प्रदेश की भाजपा सरकार को विफल बताया है। लोढ़ा ने कहा कि प्रदेश के मुखिया भजनलाल शर्मा अपनी सरकार की डेढ़ वर्ष की कथित उपलब्धियों का ढिंढोरा पीट रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत चिंताजनक है।
लोढ़ा के अनुसार राज्य में प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह चरमरा चुका है। अधिकारी मंत्रियों की भी नहीं सुन रहे हैं। शिक्षा अधिकारियों को निलंबित करना कायरतापूर्ण कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि दोष शिक्षा अधिकारियों का नहीं है। बल्कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की नीति और व्यवस्था विफल हुई है।
पूर्व विधायक ने सवाल उठाया कि जब राजस्थान का शिक्षा विभाग हर वर्ष स्कूलों के आधारभूत ढांचे के लिए 2,000 करोड़ रुपए मांगता है। तब केंद्र सरकार केवल 200 करोड़ रुपए क्यों देती है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि बीते 11 वर्षों में राज्य ने केंद्र से कितनी राशि मांगी और कितनी मिली।
उन्होंने नई शिक्षा नीति पर भी सवाल उठाए। इसमें जीडीपी का 6 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करने की बात कही गई थी, लेकिन यह भी एक जुमला बनकर रह गया।
झालावाड़ की घटना को शिक्षा ढांचे की खराब स्थिति का प्रमाण बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ हादसा नहीं है। यह सरकारी उदासीनता का दुखद परिणाम है। लोढ़ा ने बताया कि जिले में भी कई स्कूल ऐसे हैं जहां हादसे की संभावना है। उन्होंने जुबलीगंज स्कूल का उदाहरण दिया जहां कक्षा कक्ष जर्जर हालत में हैं। इन्हें तोड़ने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। मगर लापरवाही इतनी है कि इन्हें अभी तक नहीं तोड़ा गया है।


