PALI SIROHI ONLINE
Jage सिंह देवड़ा
सिरोही रामझरोखा मैदान में गरबा चढ़ने लगा परवान, “कुमकुम पगलिए पधारो म्हारी मां…” सरीखे पारंपरिक गरबा गीतों पर थिरके कदम से कदम
सिरोही। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर गुजरात के समीपवर्ती जिले सिरोही सहित समूचे मारवाड़ क्षेत्र में गुजरात की लोक परंपरा गरबा का आयोजन धीरे-धीरे परवान चढ़ रहा है। जिला मुख्यालय के रामझरोखा मैदान में प्रतिवर्ष की भांति विशाल गरबा पांडाल में पारंपरिक गरबा रास में माता बहने और युवक युवतिया अनवरत गुजराती गरबा गीतों की सुमधुर लय ताल के साथ कदम से कदम मिलाते हुए नृत्य कर माता की स्तुति कर रहे हैं।5
मंडल के संरक्षक लोकेश खंडेलवाल के अनुसार नवरात्र की दूसरे दिन 54 वें नवरात्रि महोत्सव के आयोजक जगदम्बे नवयुवक मंडल रामझरोखा सिरोही के तत्वावधान में गुजराती लोक परंपरा के गरबा गीतों पर नृत्य करते हुए प्रतिभागियों ने गरबा की रफ्तार धीरे धीरे बढ़ा दी है। इन गरबा गीतों में लोकप्रिय “धीरे-धीरे चुनरीए है रंग लागो….” मां पावाते गढ़ती उतरे मां काली रे….” “गणपति आयो बापा…” “अंबाजी गरबे घूमे छे….” “सोना नो गरबो मांनो रूपा नो गरबो….” “तमे कुमकुम पगलिए पाड़ो म्हारी मां, नौरतानी रात….” सरीखे एक से बढ़कर एक गरबा गीतों पर सभी झूमते हुए मां के दरबार में अपनी हाजरी लगा रहे हैं।
मंडल के मुख्य संरक्षक सुरेश सगरवंशी ने बताया कि प्रतिदिन पांडाल में गरबा नृत्य करने वाली माता बहनों व भाइयों के लिए विशेष पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है और प्रतिदिन गरबा खेलने वालो को आकर्षक इनाम दिए जा रहे हैं। उधर अस्थाई मंदिर में विराजमान मां के दरबार में देवी की विशाल प्रतिमा के दर्शनार्थ शाम होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
इससे पूर्व गरबा पंडाल का रामझरोखा मंदिर का संचालन कर रहे संत शिवमदास महाराज अयोध्या ने श्रीफल फोड़कर शुभारंभ किया। महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए शक्ति की उपासना पर्व नवरात्र को श्रेष्ठ फलदाई बताते हुए आशीर्वचन देकर माता से सभी के मंगलमय जीवन की कामना की। मंडल की ओर से संत का शॉल, माला आदि से स्वागत किया गया।
आयोजन के दौरान मंडल ने कार्यक्रम स्थल पर सुदृढ़ व्यवस्थाएं की है। मंडल के सभी कार्यकर्ता व सदस्य कड़ी मेहनत कर आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।




