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सिरोही। भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को संबोधित 42 सूत्रीय मांगपत्र प्रशासन के माध्यम से सौंपा।
इस ज्ञापन में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के निर्धारित क्षेत्रों को मिलाकर एक पृथक ‘भीलप्रदेश’ राज्य के गठन की प्रमुख मांग की गई है।
मांगपत्र में संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी अधिकारों के संरक्षण पर जोर दिया गया है। इसमें जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों, आदिवासी संस्कृति एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, जल संरक्षण परियोजनाओं, भूमि बैंक और वन अधिकारों से संबंधित मांगें शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, पुलिस एवं प्रशासन में आदिवासी प्रतिनिधित्व, आदिवासी धर्म कॉलम की बहाली, भीली भाषा को संवैधानिक मान्यता देने और वन संरक्षण कानून-2023 को अनुसूचित क्षेत्रों में लागू न करने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन में आदिवासी क्षेत्रों में पेयजल, शिक्षा, रोजगार, भूमि अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संसाधनों पर प्राथमिकता सुनिश्चित करने जैसे विकास संबंधी मुद्दों को भी उठाया गया है।

