शिवगंज चुंगी नाका भवन ध्वस्तीकरण पर कांग्रेस नाराज: FIR नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला, एसपी से लगाई गुहार
PALI SIROHI ONLINE
सिरोही-सिरोही के नवनियुक्त एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ को शिवगंज नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हनवंतसिंह मेड़तिया ने एक ज्ञापन सौंपकर चुंगी नाका भवन ध्वस्तीकरण मामले में कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि शिवगंज-सिरोही मार्ग पर स्थित सार्वजनिक चुंगी नाका भवन को 15 नवंबर 2025 की तड़के सुबह करीब 4 बजे बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के ध्वस्त कर दिया गया।
ज्ञापन में बताया गया है कि नगर पालिका शिवगंज के तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी आशुतोष आचार्य और प्रशासक (एसडीएम) नीरज मिश्र सहित अन्य कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से इस भवन को तोड़ा था। कांग्रेस ने इसे आपराधिक षड्यंत्र करार देते हुए कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से पहले राज्य सरकार से अनुमति लेना अनिवार्य था, जो इस मामले में नहीं ली गई।
कांग्रेस ने लगाए आरोप
मेड़तिया ने यह भी जानकारी दी कि स्वायत्त शासन विभाग ने 25 जुलाई 2025 को जर्जर भवनों की सूची मांगी थी। इसके जवाब में नगर पालिका शिवगंज ने 30 जुलाई 2025 को जो सूची भेजी थी, उसमें इस चुंगी नाका भवन को जर्जर या गिराऊ श्रेणी में शामिल नहीं किया गया था। इसके बावजूद भवन को ध्वस्त करना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई किसी विशेष व्यक्ति को लाभपहुंचाने के उद्देश्य से की गई।जल्द FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग
प्रार्थी ने 16 दिसंबर 2025 को एसपी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस थाना शिवगंज द्वारा अब तक न तो जांच शुरू की गई है और न ही FIR दर्ज की गई है। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के ‘ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य’ फैसले का हवाला देते हुए कहा कि संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर FIR दर्ज करना अनिवार्य है। इस मामले में कार्रवाई न होना न्यायिक निर्देशों की अवमानना है।
कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले में तत्काल FIR दर्ज की जाए और निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
