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शिवगंज-श्रावण मास के प्रथम दिवस गुरुवार प्रातः लगभग 6:30 बजे गोपेश्वर महादेव मंदिर, बड़गांव में श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश कर रहे थे। इसी दौरान मंदिर परिसर में लगभग साढ़े तीन फीट लम्बाई का काला धारीदार सांप विचरण करता हुआ दिखाई दिया।
मंदिर में उपस्थित अयोध्या दासजी महाराज की उस पर नजर पड़ते ही उन्होंने तत्काल सभी श्रद्धालुओं को सतर्क करते हुए सुरक्षित दूरी पर कर दिया तथा स्नेक लवर अशोक सोनी को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही स्नेक लवर अशोक सोनी मौके पर पहुंचे और सुरक्षित तरीके से सांप का रेस्क्यू किया।

स्नेक लवर सोनी ने बताया कि यह कॉमन करैत (Common Krait) सांप है, जिसे भारत के सबसे विषैले सांपों में गिना जाता है। इसकी लंबाई लगभग साढ़े तीन फीट है । इसे विभिन्न क्षेत्रों में साइलेंट किलर, काळो करैत तथा पिवणा सांप के नाम से भी जाना जाता है।
सोनी ने बताया कि कॉमन करैत सामान्यतः रात्रि में ही सक्रिय होकर शिकार करता है। संभवतः इस सांप ने कुछ समय पहले ही बड़ा शिकार किया होगा , जिसके कारण यह सुस्त अवस्था में था और सुबह के उजाले में भी दिखाई दे गया।
सोनी ने उपस्थित दर्शनार्थीयों को बताया कि इस बार साइलेंट किलर सांप बहुतायत मे मिल रहे है , सांप दिखने पर छैडने या बिना जानकारी के पकडने का प्रयास ना करे ।
सांप दिखाई देने पर तुरंत स्नेक रेस्क्यूअर अथवा वन विभाग को सुचना दें ।
कबाड , लकडी के ढेर अथवा इकट्ठे रखे सामान मे हाथ नही डाले , लकडी की सहायता से हटाऐ ।
घर के बाहर रखे जुतों को झटककर ही पहने , अक्सर सांपो के बच्चे जुतो मे छुपे हुए मिलते है ।
सर्पदंश होने पर घबराऐ नही तुरंत अस्पताल पहुंचाऐ , झाड-फुंक अथवा घरेलू उपचार का सहारा ना लें।
विशेष रूप से रात्रि के समय अंधेरे स्थानों पर बिना रोशनी के न चलें तथा खेतों, मंदिर परिसर या खुले क्षेत्रों में सतर्कता बरतें।
रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित पुनर्वास हेतु जंगल में छोड़ा गया। वहां उसने पहले से निगले हुए शिकार को बाहर निकाला, जो लगभग 27 इंच लंबा इंडियन रॉक पाइथन का बच्चा था। इस दृश्य से स्पष्ट हुआ कि करैत ने हाल ही में यह शिकार किया था।
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली तथा स्नेक लवर अशोक सोनी का आभार व्यक्त करते हुए उनके कार्य की सराहना की।

