सवराड़ शिवराजपुर में चारभुजा मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव धूमधाम से सम्पन्न
PALI SIROHI ONLINE
जय नारायण सिंह सोजत
सवराड़ शिवराजपुर में चारभुजा मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव धूमधाम से सम्पन्न
धर्मगुरु दीवान माधोसिंह का गाजे-बाजे के साथ हुआ बधावणा, समाज को दिए संस्कारों के संदेश
सोजत रोड। निकटवर्ती सवराड़ शिवराजपुर गांव में सिरवी समाज की ओर से आयोजित आई माता वडेर की 12वीं वर्षगांठ, आईजी वाटिका विमोचन एवं चारभुजा मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। महोत्सव को लेकर पूरे गांव में धार्मिक माहौल बना रहा तथा बड़ी संख्या में समाजबंधुओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
महोत्सव के तहत आयोजित भजन संध्या एवं बोलियों के कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक बोलियों में समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में सिरवी समाज के धर्मगुरु एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दीवान माधोसिंह का गाजे-बाजे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य बधावणा किया गया।
मुख्य कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ कलश यात्रा निकाली गई तथा हवन यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। चारभुजा मंदिर में मूर्तियों की स्थापना, शिखर पर ध्वजारोहण एवं प्राण प्रतिष्ठा की रस्में धर्मगुरु दीवान माधोसिंह के सान्निध्य में सम्पन्न हुईं।
इस अवसर पर बोलियों के दाताओं, अतिथियों एवं भामाशाहों का सम्मान भी किया गया। धर्मगुरु दीवान माधोसिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि माता-पिता की सेवा से लोक और परलोक दोनों सुधर जाते हैं। उन्होंने प्रवासी समाजबंधुओं से आह्वान किया कि चाहे वे बेंगलुरु, मद्रास या पुणे जैसे शहरों में व्यापार और रोजगार करते हों, लेकिन अपने माता-पिता से नियमित संपर्क बनाए रखें और उनका सम्मान व सेवा करें।
उन्होंने कहा कि आई माता जी के बताए नियमों का पालन करना प्रत्येक समाजजन का कर्तव्य है तथा जरूरतमंदों और दुखियों की सेवा में सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसकी नीति और नीयत खराब होती है, वह व्यक्ति जीवन में कभी ऊंचाइयों तक नहीं पहुंच सकता।
महोत्सव के दौरान गांव में भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा समाज के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।


