रानी-ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, यह पाली की सियासत में भी नई चर्चाओं को हरी झंडी दे दी..?
PALI SIROHI ONLINE
ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, यह पाली की सियासत में भी नई चर्चाओं को हरी झंडी दे दी..?
नगराज वैष्णव
रानी /प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के दौरे ने पाली की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी। मंच से जिस अंदाज में मारवाड़ जंक्शन विधायक केसाराम चौधरी और पाली के पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख के कामों की खुलकर प्रशंसा हुई, उसने कई राजनीतिक संकेत छोड़ दिए। खास बात यह रही कि यह तारीफ सामान्य औपचारिकता जैसी नहीं लगी, बल्कि नरेंद्र मोदी-अमित शाह शैली में सीधे कार्यकर्ताओं तक संदेश पहुंचाने वाली दिखाई दी।
विधानसभा चुनाव को ढाई साल गुजर चुके हैं और पंचायत-निकाय चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं और राजनीतिक नियुक्तियों का समय आने वाला है, ऐसे समय में मंच से दिए गए ये संकेत भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं। पाली भले ऊपर से शांत राजनीतिक जमीन नजर आती हो, लेकिन यहां ऐसे कई धुरंधर मौजूद हैं जिनकी पकड़ जयपुर से लेकर दिल्ली तक मानी जाती है।
मारवाड़ विधायक केसाराम चौधरी की सहज और सादगी वाली राजनीति हो या पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख का सेवा, संगठन और कार्यकर्ताओं पर प्रभाव, दोनों की ताकत कल के कार्यक्रम में साफ दिखाई दी। अभी पाली की राजनीति में अभी भी कई परतें खुलनी बाकी हैं। आने वाले पंचायत और निकाय चुनावों से पहले जिस तरह के संकेत मंच से दिए गए, उसने यह चर्चा जरूर शुरू कर दी है कि क्या भाजपा पाली में कोई नया राजनीतिक संतुलन साधने की तैयारी में है, या फिर यह सिर्फ संगठन को एकजुट रखने की रणनीति है।
फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि कल का कार्यक्रम सिर्फ ट्रेन को हरी झंडी दिखाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने पाली की सियासत में भी नई चर्चाओं को हरी झंडी दे दी।यह पाली की राजनीति का नया अध्याय तो नहीं…?

