पोसालिया ग्राम पंचायत में प्रशासक नियुक्ति पर घमासानः कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं मिला चार्ज, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
PALI SIROHI ONLINE
सिरोही-सिरोही जिले की पोसालिया ग्राम पंचायत पिछले तीन माह से प्रशासक की नियुक्ति और चार्ज को लेकर राजनीतिक खींचतान का केंद्र बनी हुई है। कोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक प्रशासक को चार्ज नहीं मिलने से पंचायत का पूरा कामकाज प्रभावित हो गया है। सफाई व्यवस्था चरमरा चुकी है, विकास कार्य ठप पड़े हैं और छात्र-छात्राओं से लेकर किसान, मजदूर व आमजन छोटे-छोटे कामों के लिए भटकनेको मजबूर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर समाधान नहीं हुआ तो मामला राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
तीन माह से प्रशासनिक गतिरोध, पंचायत व्यवस्था बेहाल
पोसालिया ग्राम पंचायत में पिछले तीन माह से प्रशासक की नियुक्ति और चार्ज को लेकर विवाद बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक प्रशासक को कार्यभार नहीं सौंपा गया, जिससे पंचायत की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
गांव में विकास कार्य लगभग ठप हो चुके हैं और सफाई व्यवस्था बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। आमजन को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि लोकतंत्र में कोर्ट के आदेशों की अनदेखी होगी तो आम आदमी न्याय के लिए आखिर कहां जाएगा।
विद्यार्थियों के सामने खड़ा हुआ बड़ा संकट
पीजी महाविद्यालय सिरोही के विद्यार्थी नेता भानु प्रताप सिंह पोसालिया ने बताया कि पंचायत में प्रशासनिक गतिरोध का सबसे ज्यादा असर विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। छात्र-छात्राओं के आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उनके शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, प्रवेश और अन्य जरूरी कार्यों के लिए पंचायत प्रमाणन की आवश्यकता होती है, लेकिन वर्तमान स्थिति के कारण वे लगातार परेशान हो रहे हैं।
गरीब, किसान और मजदूर भी परेशान
गांव के गरीब, किसान, मजदूर और आम नागरिक भी पंचायत की निष्क्रियता का खामियाजा भुगत रहे हैं। लोगों को सामान्य प्रमाण पत्र, योजनाओं से जुड़े दस्तावेज और अन्य पंचायत कार्यों के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव के कई विकास कार्य अधर में लटक गए हैं।
जिला प्रशासन और मंत्री से कई बार गुहार
जानकारी के अनुसार, एक प्रशासक प्रतिनिधि और स्वयं प्रशासक दर्जनों बार जिला कलेक्टर से मिलकर समस्या के समाधान की मांग कर चुके हैं। राज्य मंत्री ओटा राम देवासी से भी दो बार मुलाकात कर जनहित में जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो माह से जिला प्रशासन को राज्य स्तर से स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण स्थितिऔर अधिक उलझती जा रही है।
महिलाओं और युवाओं ने उठाए सवाल
गांव की जागरूक महिला ममता कुंवर राव ने सवाल उठाया कि आखिर कब तक ग्राम पंचायत राजनीति की बलि चढ़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि गांव की जनता अब जवाब चाहती है कि पोसालिया ग्राम पंचायत में कब और किसे प्रशासक का चार्ज मिलेगा, कब सफाई व्यवस्था सुधरेगी और आमजन को राहत मिलेगी।
वहीं, स्कूली विद्यार्थी कीर्तन पाल सिंह ने कहा कि जनता को राजनीति नहीं बल्कि समाधान चाहिए। गांव को संघर्ष नहीं, सुशासन चाहिए।
एक सप्ताह में समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तुरंत हस्तक्षेप कर पोसालिया ग्राम पंचायत की स्थिति सुधारने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पूरा मामला राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े तथा मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा तक पहुंचाकर न्याय की मांग की जाएगी।
