• April 7, 2026

बारिश के बीच जयपुर में धरने पर बैठे हैं पत्रकार, क्यों नहीं सुन रही सरकार

PALI SIROHI ONLINE

खीमाराम मेवाडा

बारिश के बीच जयपुर में धरने पर बैठे हैं पत्रकार, क्यों नहीं सुन रही सरकार ?

तखतगढ 7 अप्रैल (खीमाराम मेवाडा) पत्रकारों की आवाज़ को दबाने के आरोपों के बीच राजस्थान में विरोध की लपटें तेज़ होती जा रही हैं। आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेशाध्यक्ष के प्रतिष्ठान पर हुई बुल्डोज़र कार्रवाई के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन अब राज्यव्यापी स्वरूप ले चुका है। राजधानी में जारी बेमियादी धरने ने सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ के जैसलमेर स्थित रेस्टोरेंट पर प्रशासन द्वारा की गई बुल्डोज़र कार्रवाई के विरोध में आईएफडब्ल्यूजे के बैनर तले जयपुर के शहीद स्मारक पर बेमियादी धरना 10वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन की खास बात यह रही कि खराब मौसम और बारिश के बावजूद पत्रकारों का हौसला डिगा नहीं।


मंगलवार यानी 7 अप्रैल को हनुमानगढ़ और बारां जिले से पहुंचे पत्रकार क्रमबद्ध धरने में शामिल हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरनास्थल पर मौजूद पत्रकारों ने इसे केवल एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरी पत्रकार बिरादरी पर हमला बताया।
आईएफडब्ल्यूजे के हनुमानगढ़ जिलाध्यक्ष राजू रामगढ़िया ने कहा कि सरकार पत्रकारों की समस्याओं को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसलमेर की घटना यह साफ दिखाती है कि प्रशासन और सत्ता के नुमाइंदे सच को सुनने और स्वीकार करने की स्थिति में नहीं हैं।


राजू रामगढ़िया के अनुसार, जब वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह राठौड़ ने अपने अखबार के माध्यम से जनहित से जुड़े तथ्यों को उजागर किया, तो सत्ता के दबाव में आकर जिला प्रशासन ने उनके रेस्टोरेंट को बिना ठोस कारण बताए जमींदोज कर दिया। यह कार्रवाई न सिर्फ दुर्भावनापूर्ण थी, बल्कि कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के भी खिलाफ है।
बारां के जिला संगठन मंत्री राजेंद्र श्रृंगी नेे कहा कि यह मामला अब सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं रहा। देशभर के पत्रकार इस घटना से आहत और आक्रोशित हैं। शहीद स्मारक पर जारी यह आंदोलन एक चेतावनी है कि यदि सरकार ने समय रहते दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर फैल सकता है।


धरनास्थल पर वरिष्ठ पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की भी मौजूदगी रही। अमरनाथ पेंटर सहित कई गणमान्य लोग समर्थन जताने पहुंचे। वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका को कुचलने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लगातार आठ दिनों से जारी इस धरने ने यह साफ कर दिया है कि पत्रकार अपने सम्मान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सच के साथ खड़े रहने के लिए लंबी लड़ाई को भी तैयार हैं। अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैंकृसंवाद पर आएगी या टकराव को और बढ़ाएगी।


धरने में हनुमानगढ़ टीम से जिलाध्यक्ष राजू रामगढ़िया, उपाध्यक्ष गोविंद लालवानी, जिला सचिव अमरनाथ पेंटर, कार्यकारिणी सदस्य लाल बहादुर भाकर, बारां टीम से संगठन मंत्री राजेंद्र श्रृंगी, कार्यकारिणी सदस्य राहुल शर्मा, भगवान दास कुशवाहा, हरीश कुमार शर्मा व राकेश चौधरी आदि शामिल हुए।

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