पाली-हत्या के 5 दोषियों को आजीवन कारावास, 8 आरोपी बरी: 10 साल पुराने मामले में सुनाई सजा, अवैध कब्जे का विरोध करने पर किया था हमला
PALI SIROHI ONLINE
सोजत (पाली)-पाली के सोजत में 10 साल पुराने बहुचर्चित गंगासिंह हत्याकांड के 5 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। जिन्हें आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। मामले में 8 अन्य आरोपियों को संदेह का लाभदेते हुए बरी कर दिया गया है।10 साल पुराना हत्याकांड
सोजत की अपर जिला एवं सत्र कोर्ट के जज दिनेश कुमार गढ़वाल ने ये फैसला सुनाया है। अपर लोक अभियोजक (पब्लिक प्रोसिक्यूटर) पंकज त्रिवेदी ने बताया- ये मामला 17 मई 2016 का है।अवैध कब्जे से रोका तो लाठी-सरियों से हमला
शिवपुरा थाना क्षेत्र के गांव झूपेलाव निवासी गंगासिंह (65) के बेटे योगेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि- गांव के सार्वजनिक पिचके (कुएं) और चौक पर तारबंदी कर अवैध कब्जे का प्रयास करने से रोकने पर आरोपियों ने गंगासिंह पर लाठी और सरियों से हमला कर दिया था।
हमले में गंगासिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
14 आरोपी बनाए, एक की मौत हुई
मामला कोर्ट में पहुंचा तो 14 लोगों आरोपी बनाया गया। इनमें इंद्र सिंह, भैरू सिंह, अर्जुन सिंह, बहादुर सिंह, महावीर सिंह, छोटू सिंह, श्रवण राम, दलपत सिंह, भंवर सिंह, रतन सिंह, फतेह सिंह, समंदर सिंह, विक्रम सिंह और सोहन सिंह शामिल थे। इनमें से एक आरोपी सोहन सिंह की 2017 में मौत हो गई। जिससे उसके खिलाफ कार्रवाई ड्रॉप कर दी गई।5 को आजीवन कारावास और 8 आरोपी बरी
मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने इंद्र सिंह, विक्रम सिंह, अर्जुन सिंह, भेरू सिंह और दलपत सिंह को दोषी पाया। प्रोसिक्यूटर (अभियोजन पक्ष) ने कुल 47 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 73 दस्तावेज/आर्टिकल प्रस्तुत किए, जिनसे अपराध सिद्ध हुआ।
न्यायालय ने 29 अप्रैल (बुधवार) को ये फैसला सुनाया। पांचों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 323/149 और 304 (भाग 1) सपठित धारा 149 के तहत दोषी ठहराया गया। अपर लोक अभियोजक पंकज त्रिवेदी ने इस मामले में प्रभावी पैरवी की।
