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पाली-निगम में महापौर की दौड़ में अब भाजपा की भी एंट्री हो गई है। पार्टी ने नमिता बुबकिया को महापौर का प्रत्याशी घोषित किया है। इससे पहले कांग्रेस की ओर से राजबाला हिंगड़, सुमित्रा जैन, निर्दलीय कुसुम सोनी और पुष्पा सोमनानी मंगलवार को महापौर का नामांकन पत्र लेकर गए थे। आज नामांकन भरकर जमा करवाने का अंतिम दिन है। ऐसे में कुछ और प्रत्याशी भी महापौर की दौड़ में शामिल हो सकते हैं। इधर, मुस्लिम समाज से जीते अधिकतर पार्षद भी इस बार मेयर बनने का मौका मांग रहे हैं। ऐसे में देखना होगा किमहापौर का ताज किसके सिर बंधता है। महापौर के लिए 21 सितंबर और उप महापौर के लिए 22 सितंबर को वोटिंग होगी।
कौन हैं नमिता बुबकिया
नमिता बुबकिया पूर्व पार्षद विकास बुबकिया की पत्नी हैं। उन्होंने वार्ड 33 से चुनाव लड़ा था और कांग्रेस के सोहनलाल को 90 वोट से हराया था। 47 साल की नमिता ने बीकॉम तक पढ़ाई की है और पेशे से केमिकल व्यवसायी हैं। यह उनका पहला चुनाव है।
शारदा बोहरा और खुशबू लोढ़ा का नाम भी था चर्चा में
भाजपा की ओर से वार्ड 1 से चुनावी मैदान में उतरी शारदा बोहरा और वार्ड 23 से खुशबू लोढ़ा का नाम भी महापौर की रेस में चर्चाओं में था। खुशबू चुनाव हार गईं। उन्हें कांग्रेस की शीला ने 106 वोट से हराया। वहीं, वार्ड 1 से शारदा बोहरा चुनाव जीत गईं। उन्होंने कांग्रेस के गजेंद्रसिंह मंडली को 185 वोट से हराया।
चुनाव परिणाम में भाजपा कांग्रेस से पीछे
14 सितंबर को जारी चुनाव परिणाम में 65 वार्डों में से कांग्रेस ने 29, भाजपा ने 21 और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 15 वार्डों में जीत दर्ज की। निर्दलीयों में 10 कांग्रेस और 5 भाजपा केबागी बताए जा रहे हैं। महापौर बनने और बोर्ड बनाने के लिए 33 पार्षदों का समर्थन चाहिए।
कांग्रेस को 4, भाजपा को 12 निर्दलियों की जरूरत
कांग्रेस बोर्ड बनाने के नजदीक है। उसके 29 पार्षद जीते हैं और 4 और पार्षदों के समर्थन से वह 33 के आंकड़े तक पहुंच सकती है। 10 निर्दलीय विजेताओं को कांग्रेस समर्थित बताया जा रहा है।
भाजपा के 21 पार्षद जीते हैं। बहुमत के लिए उसे 12 और पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। भाजपा के 5 बागी निर्दलीय भी जीते हैं, लेकिन उनके साथ आने के बाद भी 7 अतिरिक्त पार्षदों की जरूरत रहेगी।
