• Local News
  • सांडेराव बस स्टैंड पर विकास के नाम पर विनाश: मुख्य मार्ग का फुटपाथ टूटा, राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर, जिम्मेदार मौन
Pali Sirohi Online News by Pintu Agarwal
  • Local
  • Politics
No Result
View All Result
  • Local
  • Politics
No Result
View All Result
Pali Sirohi Online News by Pintu Agarwal
No Result
View All Result

पाली-खुशबू राजपुरोहित मौत मामला- आरोपी पति को नहीं मिली जमानतः हाईकोर्ट का ट्रायल कोर्ट को निर्देश- प्राथमिकता से दर्ज करें डॉक्टर के बयान

Pintu Aggarwal by Pintu Aggarwal
May 2, 2026
in Local
0
पाली-खुशबू राजपुरोहित मौत मामला- आरोपी पति को नहीं मिली जमानतः हाईकोर्ट का ट्रायल कोर्ट को निर्देश- प्राथमिकता से दर्ज करें डॉक्टर के बयान

PALI SIROHI ONLINE

जोधपुर-राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ ने बहुचर्चित खुशबू राजपुरोहित की संदिग्ध हालात में मौतमामले में आरोपी पति हर्षित राजपुरोहित की नियमित जमानत याचिका को फिलहाल ‘नॉट प्रेस्ड’ मानते हुए निस्तारित कर दिया। यानी, कोर्ट से उसे जमानत नहीं मिली।जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की एकल पीठ ने बचाव पक्ष की ओर से अर्जी वापस लेने के आग्रह को स्वीकार करते हुए यह छूट दी है कि ट्रायल कोर्ट में डॉक्टर के बयान दर्ज होने के बाद वह दोबारा जमानत के लिए हाईकोर्ट आ सकता है।

साथ ही हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को यह निर्देश दिया है कि आरोप तय होने के बाद अभियोजन पक्ष की गवाही शुरू होने पर संबंधित डॉक्टर के बयान प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किए जाएं।

दहेज प्रताड़ना, मारपीट और डिप्रेशन की दवाइयों का सेवन

जोधपुर के महिला थाना (ईस्ट) द्वारा पेश 24 पेज की विस्तृत चार्जशीट के अनुसार- पाली के धर्मधारी निवासी खुशबू की शादी 2 मई 2022 को महामंदिर निवासी हर्षित राजपुरोहित (31) पुत्र चंद्रसिंह के साथ हुई थी। पुलिस जांच और परिवादी (भाई) इंद्रजीत सिंह की रिपोर्ट में यह आरोप सामने आया है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने उसे कम दहेज लाने और ‘बांझ’ होने का ताना देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था।

पुलिस चार्जशीट के अनुसार- पति हर्षित की लगातार अनदेखी और मारपीट से तंग आकर खुशबू डिप्रेशन में रहने लगी थी। 21-22 अक्टूबर 2025 के दौरान दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके बाद खुशबू की ड्रग ओवरडोज की वजह से अस्पताल में इलाज के दौरान 24 अक्टूबर 2025 को मौत हो गई थी। पुलिस ने 17 जनवरी को आरोपी पति हर्षित के खिलाफ क्रूरता, दहेज हत्या, मारपीट और जहर देने सहित अन्य धाराओं में चालान पेश कर दिया था।

बचाव पक्ष ने जमानत पर नहीं दिया जोर

जेल में बंद आरोपी हर्षित (जो 24 अक्टूबर 2025 से न्यायिक अभिरक्षा में है) की ओर से हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी। इसमें वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेंद्र सिंह व उनकी सहयोगी प्रियंका बोराणा पेश हुए। राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक सुरेंद्र विश्नोई और परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अक्षय कुमार सुराणा मौजूद रहे।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने स्वयं यह बयान दिया कि वे फिलहाल इस जमानत अर्जी पर जोर नहीं देना चाहते हैं और संबंधित डॉक्टर के बयान रिकॉर्ड होने के बाद फिर से जमानत के लिए हाईकोर्ट से संपर्क करने की छूट चाहते हैं।पोस्टमॉर्टम और एफएसएल रिपोर्ट्स, पुख्ता साक्ष्य भी

हाईकोर्ट का ट्रायल कोर्ट को डॉक्टर के बयान प्राथमिकता से दर्ज करने का निर्देश महत्वपूर्ण है, क्योंकि खुशबू राजपुरोहित की मौत का असल कारण, दवाइयों का असर, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट की व्याख्या मुख्य रूप से डॉक्टर और मेडिकल विशेषज्ञों के बयानों से ही स्पष्ट होगी।पुलिस चार्जशीट के अनुसार- एफएसएल जांच में मृतका के शरीर में ‘अमिट्रिप्टिलाइन’ एंटीडिप्रेसेंट दवा की मौजूदगी पाई गई थी। इन्हीं मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपी की अगली जमानत अर्जी पर कोर्ट का दृष्टिकोण तय होगा। फिलहाल कोर्ट ने याचिका खारिज करने की बजाय बचाव पक्ष के आग्रह को स्वीकार करते हुए जमानत अर्जी को ‘dismissed as not pressed’ मानते हुए निस्तारित

कर दिया।

Previous Post

मुंडारा विद्यालय में चोरी,पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी

Next Post

पढ़े आज शनिवार का आपका राशिफ़ल

Next Post
पढ़े आज शनिवार का आपका राशिफ़ल

पढ़े आज शनिवार का आपका राशिफ़ल

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

You cannot copy content of this page