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पाली-पाली शहर के औद्योगिक थाना इलाके के फोर्थ फेज एरिया में सारड़ा बायो पॉलिमरस ग्वार गम फैक्ट्री में रविवार रात 11:30 बजे भीषण आग लग गई। आग से बचने के लिए मजदूर लपटों के बीच से जलते हुए कपड़ों के साथ ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाते हुए बाहर निकले।
गंभीर रूप से झुलसे तीन मजदूरों को बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचाया गया। वहां से उन्हें जोधपुर रेफर किया गया। फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट में 17 मजदूर काम कर रहे थे। जिस हिस्से मेंकाम चल रहा था, वहां लिफ्ट में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जो तेजी से फैल गई।
12 मजदूरों ने बाहर की तरफ भागकर जान बचाई। वहीं, विक्की (19), अवधेश कुमार (40) और राजू (28) बाहर आकर अचेत हो गए। तीनों करीब 70 प्रतिशत झुलस गए।
2 मजदूर अंदर फंस गए। मलबा हटाकर उनकी तलाश की जा रही है। करीब साढ़े चार घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान फायर ब्रिगेड की करीब 8 गाड़ियों ने 55 राउंड किए।
फैक्ट्री में गैस के बड़े सिलेंडर भी रखे थे। गनीमत रही कि वे दूर थे। अगर आग उन तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।आसपास के इलाकों से भी बुलाई दमकलें
रात करीब 12 बजे पाली के दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाना शुरू किया। भीषण आग के चलते सोजत, रानी, फालना और सुमेरपुर से भी दमकलें बुलाई गईं। सुबह करीब चार बजे आग पर काबू पाया जा सका।
घटना की जानकारी मिलने पर पाली एसडीएम विमलेंद्र सिंह राणावत, सीओ सिटी मंगलेश चुण्डावत और औद्योगिक थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
मजदूरों में मशीन ऑपरेशन सहित अन्य काम करने वाले थे। आग की चपेट में आने से एक ट्रैक्टर ट्रॉली भी जल गई।अपनी कार में लेकर गए हॉस्पिटल
पाली शहर के गुरु नगर के रहने वाले रवि और महेंद्र ने बताया कि वे डेकोरेशन का काम करते हैं। आग की लपटें उठी देखीं तो मौके पर पहुंचे। हमें कुछ युवक झुलसी हुई हालत में मिले।
फैक्ट्री में भीषण आग लग रही थी। आग से झुलसे लोगों को देखा तो एम्बुलेंस को कॉल किया। फिर खुद की कार से झुलसे हुए लोगों को बांगड़ हॉस्पिटल लेकर गए।
रोड पर झुलसे हुए मिले दो युवक
वार्ड-54 के पार्षद प्रतिनिधि गोपाल पंवार ने बताया- मैं पास के गरबा पांडाल में था। किसी परिचित ने सूचना दी कि फैक्ट्री में आग लगी है तो मौके पर पहुंचा। वहां दो युवक बुरी तरह झुलसे हुए सड़क पर पड़े दिखे। उन्हें तुरंत गाड़ी से हॉस्पिटल भेजा गया। फायर ब्रिगेड को कॉल कर हादसे की सूचना दी, लेकिन दमकल देरी से पहुंची।
उपयोग में नहीं आया फायर फाइटिंग सिस्टम
फैक्ट्री में फायर फाइटिंग सिस्टम लगा हुआ था, लेकिन अचानक हुई इस घटना के कारण मजदूर अपनी जान बचाकर भागे, जिससे उसका उपयोग नहीं हो सका। बाद में जेसीबी से फैक्ट्री की दीवार तोड़ी गई, जिससे पाइप टूट गया।




