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पाली-करीब सात साल पहले मजदूरी करने वाले एक युवक को फोन कर धर्मशाला बुलाया गया। वहां उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ जबरदस्ती कुकर्म किया गया और मारपीट भी की गई। इस मामले में अब कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट पेश की थी, जिसके बाद गवाहों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर फैसला सुनाया गया। यह फैसला पाली के विशिष्ट न्यायालय अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) प्रकरण के न्यायाधीश राकेश गोरा ने 3 अगस्त को सुनाया।मजदूरी करने वाले युवक को बुलाकर धर्मशाला ले गया था आरोपी
कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक लादूराम मेवाड़ा ने बताया – 45 साल के पीड़ित ने 22 अगस्त 2018 को पाली के कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया था। उसने रिपोर्ट में बताया कि वह मजदूरी करता है। आरोपी ने 21 अगस्त 2018 की शाम उसे फोन कर बुलाया और एक धर्मशाला में ले गया। वहां उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ जबरदस्ती कुकर्म किया और मारपीट भी की।
जांच के बाद कोर्ट में पेश हुई चार्जशीट, अब आया फैसला
मामले की जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में पेश की। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की बहस और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद पाली के विशिष्ट न्यायालय अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) प्रकरण के न्यायाधीश राकेश गोरा ने आरोपी को पीड़ित के साथ कुकर्म का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

