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बाली उपखण्ड के नाणा ग्राम में आदर्श विद्यामंदिर नाना में मातृ शक्ति सम्मेलन का आयोजन हुआ, माताओं ने बच्चों में संस्कार निर्माण एवं सशक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प।
सम्मेलन में क्षेत्र की बड़ी संख्या में माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं को बालकों के सर्वांगीण विकास, संस्कार निर्माण तथा भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। वक्ताओं ने कहा कि माता ही बालक की प्रथम गुरु होती है। बच्चे के व्यक्तित्व, व्यवहार एवं संस्कारों पर परिवार के वातावरण का गहरा प्रभाव पड़ता है। वर्तमान समय में बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशीलता का भाव देना भी आवश्यक है।
सम्मेलन के दौरान माताओं को बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।
बच्चों की दिनचर्या, खान-पान, अनुशासन, अध्ययन तथा संस्कार निर्माण जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। माताओं से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा उनकी शैक्षणिक प्रगति के साथ व्यक्तिगत एवं संस्कारगत विकास पर ध्यान देने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में सुमेरपुर के प्रधानाचार्य श्रवण कुमार त्रिवेदी, रीना अग्रवाल, समिति सदस्य गजेंद्र सिंह, व्यवस्थापक दिलीप सुथार, रंजीत सिंह, महेंद्र सिंह भाटी, भागवत अग्रवाल, कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य योगेश कुमार तथा आचार्य निक्षा देवड़ा सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित माताओं ने अपने बच्चों को उच्च संस्कारों से युक्त बनाने तथा संस्कारित एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

