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माउंट आबू-पर्यटन नगरी माउंट आबू के घने आबादी वाले क्षेत्र में बुधवार को दिनदहाड़े एक मादा भालू अपने दो नन्हे शावकों के साथ घूमती नजर आई। भालुओं का यह कुनबा ग्लोबल हॉस्पिटल के ठीक सामने स्थित मेजर शैतान सिंह पार्क से निकलकर ‘शैल मणि’ जैसे वीआईपी केंद्रीय राजकीय आवासों की ओर बढ़ गया। दिन के उजाले में व्यस्ततम इलाके में भालुओं की इस आवाजाही से स्थानीय निवासियों और राहगीरों में हड़कंपमच गया।
दोपहर के समय भालुओं का दिखना असामान्य
स्थानीय लोगों के मुताबिक माउंट आबू में भालुओं का दिखना बेहद आम बात है, लेकिन वे आमतौर पर तड़के सुबह, देर शाम या रात के अंधेरे में ही जंगलों से बाहर आते हैं। दोपहर के समय, वह भी इतने घनी आबादी वाले और व्यस्त इलाके में वन्यजीवों का इस तरह खुलेआम घूमना बेहद असामान्य और चिंताजनक माना जा रहा है।
मुख्य मार्ग होने से हमेशा रहती है भारी चहल-पहल
जिस जगह पर भालू देखे गए, वह पूरी तरह से प्रशासनिक और रिहायशी इलाका है। इस क्षेत्र में ग्लोबल हॉस्पिटल, जलदाय विभाग (PHED), बिजली विभाग के कार्यालय और डॉक्टरों के सरकारी आवास स्थित हैं। इसके अलावा यह मार्ग माउंट आबू से प्रसिद्ध दिलवाड़ा जैन मंदिर की तरफ आने-जाने का मुख्य रास्ता भी है, जिसके कारण यहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की चौबीसों घंटे भारी आवाजाही बनी रहती है।
बच्चों के साथ अधिक आक्रामक हो जाती है मादा भालू
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार जब मादा भालू अपने शावकों (बच्चों) के साथ होती है, तो वह अत्यंत सतर्क और सुरक्षात्मक रवैया अपनाती है। ऐसी स्थिति में इंसानी दखल याजरा सी आहट मिलने पर भी वह बेहद आक्रामक हो सकती है। पूर्व में भी माउंट आबू में मानवीय गतिविधियों के करीब आने पर भालुओं द्वारा अचानक हमले किए जाने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

