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दो साल से फरार तस्कर सोते हुए पकड़ा गया, 6 राज्यों में छिपता रहा, 16 ठिकाने बदलने के बाद से गिरफ्तार
जालोर-एएनटीएफ ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में करीब दो साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर भैराराम को पाली के तखतगढ़ से गिरफ्तार किया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए दो साल में 6 राज्यों में करीब 16 ठिकाने बदलकर छिपता रहा। एएनटीएफ ने ‘ऑपरेशन मदभ्रमर’ के तहत सूचना तंत्र और निगरानी के आधार पर उसके किराए के मकान पर दबिश दी और उसे सोते हुए पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी करीब 15 दिन पहले फिर से डोडा पोस्त तस्करी में सक्रिय हुआ था।एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया – जालोर पुलिस अधीक्षक की ओर से भैराराम पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। एएनटीएफ की टीम उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की लगातार जानकारी जुटा रही थी। इसी दौरान उसके तखतगढ़ क्षेत्र में छिपे होने की सूचना मिली। टीम ने निगरानी और सूचना तंत्र के आधार पर कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
2019 में तस्करी से जुड़ने का आरोप
पुलिस के अनुसार भैराराम पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह भेड़-बकरी चराने और खेती-बाड़ी का काम करने लगा। वर्ष 2019 में पिता की मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी बढ़ गई। इसके बाद वह कथित तौर पर तस्करों के संपर्क में आया और डोडा पोस्त तस्करी से जुड़ गया।
शुरुआत में वह वाहन चालक के तौर पर डोडा-पोस्त की खेप एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता था। पुलिस का दावा है कि उसे हर चक्कर के करीब 50 हजार रुपए मिलते थे। बाद में तस्करी से जुड़े लोगों से संपर्क बढ़ने पर वह खुद भी इस अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया।
2024 में पहला मामला दर्ज, मौके से हो गया था फरार
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 में आहोर थाना पुलिस ने डोडा पोस्त की खेप ले जा रहे उसके साथियों को वाहनडोडा-पोस्त की खेप ले जा रहे उसके साथियों को वाहन सहित पकड़ लिया था। इसी दौरान भैराराम मौके से फरार हो गया। इसके बाद वह दूसरे साथियों के साथ कथित तौर पर तस्करी में सक्रिय रहा।
बाद में उसके एक अन्य साथी के पकड़े जाने और पूछताछ में उसका नाम सामने आने के बाद भैराराम ने पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलना शुरू कर दिया।6 राज्यों में बदले 16 ठिकाने
एएनटीएफ के अनुसार करीब दो साल की फरारी के दौरान भैराराम ने हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर ठिकाने बनाए। राजस्थान में वह चित्तौड़गढ़, जयपुर, पाली और उदयपुर सहित कई शहरों में छिपता रहा। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए वह किसी एक जगह लंबे समय तक नहीं रुकता था।
पुलिस का दावा है कि आरोपी परिवार और तस्करी से जुड़े लोगों से संपर्क के लिए अपना मोबाइल इस्तेमाल करने से भी बचता था। वह कई बार राहगीरों या दूसरे लोगों के मोबाइल से बातचीत करता था, ताकि उसकी लोकेशन पुलिस तक नहीं पहुंच सके।
15 दिन पहले फिर तस्करी में सक्रिय हुआ
एएनटीएफ के अनुसार करीब दो साल तक फरार रहने के बाद आरोपी ने लगभग 15 दिन पहले फिर से डोडा पोस्त की तस्करी शुरू कर दी थी। इसके लिए उसने पाली के तखतगढ़ में किराए पर कमरा लिया और पहचान छिपाकर रहने लगा।
इसी दौरान एएनटीएफ को उसके बारे में सूचना मिली। टीम ने सूचना तंत्र और निगरानी के आधार पर उसका ठिकाना तलाश लिया। गुरुवार को टीम ने किराए के मकान में दबिश देकर आरोपी को सोते हुए पकड़ लिया।एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया कि कार्रवाई पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में की गई। एएनटीएफ ने इसे नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में 90वीं बड़ी सफलता बताया है।

