देसूरी पुलिस ने कार से 49.05 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त किया जब्त, तीन गिरफतार
PALI SIROHI ONLINE
पाली- उरजाराम उनि थानाधिकारी पुलिस थाना देसूरी ने बताया कि जिला पाली में उच्च अफसरान के निर्देशानुसार अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही कर मादक पदार्थ तस्करी पर अंकुश लगाने हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार के तहत चैनसिंह महेचा आरपीएस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाली, पारस चौधरी आरपीएस वृताधिकारी बाली के सुपरविजन में मन थानाधिकारी सुबह गस्त करते हुवे सैली माता कॉलोनी चारभुजा रोड देसुरी पहुंचा जहां सामने से एक स्वीफ्ट गाडी नं आरजे 45 सीजेड 6716 आती नजर आई जिसके चालक ने पुलिस वाहन को देखकर गाडी साईड मे लेकर भागने की कोशिश करने लगा जिन्हें रोका उसी समय खलाशी साईड का व्यक्ति उतर कर भागने लगा संदिगध प्रतीत होने से मोके पर कार की तलाशी लेने पर कार से करीब 49.05 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्त मिला आरोपी सुरेश उर्फ सुरिया पुत्र खानूराम उम्र 26 वर्ष निवासी रोहिचा कला पी.स लूणी पूनमचन्द पुत्र भैरूलाल उम्र 25 साल निवासी अचलपुरा पुलिस थाना छोटी सादडी प्रतापगढ़ व विपूल पुत्र पृथ्वीराज उम्र 26 साल निवासी अचलपुरा पुलिस थाना छोटी सादडी जिला प्रतापगढ़ राज. को गिरफ्तार किया गया प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान जारी है।
गिरफ्तार अभियुक्तः-
01 सुरेश उर्फ सुरिया पुत्र खानूराम उम्र 26 वर्ष निवासी रोहिचा कला पी.स लूणी
02 पूनमचन्द पुत्र भैरूलाल उम्र 25 साल निवासी अचलपुरा पुलिस थाना छोटी सादडी प्रतापगढ
03 विपूल पुत्र पृथ्वीराज उम्र 26 साल निवासी अचलपुरा पुलिस थाना छोटी सादडी जिला प्रतापगढ
> गठित टीम :-
1 उरजाराम उनि थानाधिकारी पुलिस थाना देसूरी जिला पाली
2 धर्मेन्द्र कुमार 791 पुलिस थाना दुसरी जिला पाली
3 बलराम कानि 1018 पुलिस थाना देसूरी जिला पाली
4 रामचन्द्र कानि नं 1391 पुलिस थाना देसूरी जिला पाली
5 राकेश कानि नं. 1830 पुलिस थाना देसूरी जिला पाली
6 श्रवण कानि 1651 चालक पुलिस थाना देसुरी पाली
7हरिसहाय आरटी कानि नं. 601 पुलिस थाना देसुरी पाली
8 पुष्पेन्द्र आरटी कानि नं. 608 पुलिस थाना देसुरी पाली
> आमजन से अपीलः- आप से अनुरोध है कि ऑपरेशन ‘गुप्त व प्रहार के सफल क्रियान्वयन हेतु अवैध मादक पदार्थ की तस्करी, परिवहन, खरीद व बेचान इत्यादि गतिविधियों व वांछित अपराधियों की जानकारी बिना डरे बिना झिझके, दिये गये वाट्सअप 9251255006 नम्बर पर भेजे। सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उक्त व्हाट्सअप नम्बर की मॉनिटरिंग पुलिस अधीक्षक कार्यालय में रखी जाए।
