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बाली उपखण्ड के बेड़ा ग्राम में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, नि:शुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ
वर्धमान संस्कृति सेवा धाम मुंबई एवं राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद के संयुक्त तत्वावधान में श्री राम आश्रम बेड़ा में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नि:शुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, समाजसेवियों एवं जैन समाज के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में महेश साकरिया ने बताया कि संस्था पिछले ढाई वर्षों से महिलाओं एवं युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। अब तक 9,500 से अधिक युवतियों एवं महिलाओं को सिलाई, कंप्यूटर, टेली, मेहंदी सहित विभिन्न रोजगार प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में बेड़ा वनवासी आश्रम में नि:शुल्क सिलाई प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है तथा आवश्यकता के अनुसार अन्य प्रशिक्षण भी जोड़े जाएंगे।
वर्धमान संस्कृति सेवा धाम के वाइस प्रेसिडेंट राजू मेहता ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा, हुनर ऐसा धन है जिसे कोई छीन नहीं सकता। इसी हुनर के दम पर महिलाएं स्वयं एवं अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर सकती हैं।
बेड़ा जैन संघ के पदाधिकारी गुणवन्त जैन ने कहा उन्होंने बेड़ा जैन समाज की ओर से सेवा कार्यों में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि समाज तन, मन और धन से सदैव साथ खड़ा रहेगा।
अशोक पाल सिंह मीणा ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ समाज में एकता और सहभागिता की भावना भी मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का संचालन अशोक सैन ने किया।
इस अवसर पर गोविंद सुथार, गजेंद्र सिंह राणावत, हरिश राठी, शैतान सिंह (पाली), नाथाराम गरासिया, कांती लाल जैन, जयंतीलाल मीणा ( जिला परिषद सदस्य), भंवरलाल जैन, दिलीप जैन, रतन सिंह देवड़ा,हीराराम घांची सहित बेड़ा जैन संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


