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बैंगलोर में युगपुरुष पूज्य श्री तनसिंह जी की 102वीं जयंती श्रद्धा, विचार और संगठन भाव के साथ सम्पन्न
बैंगलोर (दलपतसिंह भायल ) दक्षिण भारत संभाग के कर्नाटका प्रान्त अंतर्गत बैंगलोर मंडल में युगपुरुष, महान विचारक एवं श्री क्षत्रिय युवक संघ के संस्थापक पूज्य श्री तनसिंह जी की 102वीं जयंती का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं वैचारिक वातावरण में संपन्न हुआ। यह भव्य कार्यक्रम बैंगलोर स्थित राजपूत समाज भवन, राणा सिंह पेट में आयोजित किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों से बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य श्री तनसिंह जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात उपस्थित वक्ताओं द्वारा पूज्य श्री के जीवन दर्शन, संघर्षमय जीवन, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता एवं क्षात्रधर्म की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि पूज्य श्री तनसिंह ने अपने विचारों और संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से क्षत्रिय समाज को आत्मसम्मान, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का मार्ग दिखाया।
कार्यक्रम में पूज्य श्री के जीवन वृत्तांत का वर्णन करते हुए बताया गया कि उन्होंने युवाओं को चरित्र निर्माण, सेवा भावना और संगठन शक्ति के महत्व को समझाया तथा समाज को एकजुट करने का कार्य किया। उनके बताए सिद्धांत आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। समाजबंधुओं ने पुष्प अर्पित कर पूज्य श्री को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राजपूत समाज के पूर्व अध्यक्ष मोहन सिंह , अध्यक्ष जबर सिंह साथू, उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह अनवाणा, विजय सिंह दादाल, मनोहर सिंह डकातरा, बालाजी सिंह (बैंगलोर) सहित अनेक गणमान्य समाजबंधु उपस्थित रहे। साथ ही बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं मातृशक्ति की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान समाज संगठन को मजबूत करने, युवाओं को संस्कारवान बनाने तथा पूज्य श्री के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया। अंत में सभी उपस्थितजनों ने समाज, राष्ट्र और संस्कृति के प्रति समर्पण भाव के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
