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बाली में नर्सिग कर्मियों ने प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नाम ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हितेन्द्र वागोरिया के नाम ब्लॉक प्रोग्राम अधिकारी मोहमद अजरुदीन को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन दिया।
नर्सिग कर्मियों ने लिखा कि प्रसूता मृत्यु एवं गर्भवती महिलाओं के बिषय में एएनएम नर्सिंग कर्मचारी पर अनुचित मानसिक दबाब एवं कठोर कार्यवाही विरोध में ज्ञापन दिया गया।
बाली ब्लॉक अध्यक्ष रेखा चौधरी, ब्लॉक उपाध्यक्ष C गुलाबी, ब्लॉक कोषाध्यक्ष किरण की मौजूदगी दिए ज्ञापन में लिखा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग वीसी मिडिया एवं आदेशों के द्वारा प्रसूता मृत्यु एवं गर्भवती मामलों में एएनएम पर कार्यवाही करने एवं उन्हे गैर जिम्मेदार ठहराने की प्रक्रिया प्रारम्भ कि जा रही है। इस बिषय को लेकर एलएचवी/एएनएम संघ ऑफ राजस्थान महिला नर्सिग गहरा विरोध दर्ज करता है। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) एक धरातल पर कार्य करने वाली नर्सिंग कर्मचारी है। जिसे स्वास्थ्य विभाग की रीड की हडडी कहा जाता है।
एएनएम को प्रयोग शाला तकनीशियन नही है जॉच एवं स्कीनिग संम्बधी ऐसी जॉचों के लिए बाध्य नही किया जाएं तथा आवश्यक उपकरणों संशाधन की अनुपलब्धा होते हुऐ भी गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं की उच्च स्तर पर देख रेख एएनएम द्वारा की जाती है। इसके बाबजूद प्रसूता मृत्यु का उत्तरदायी एएनएम को ठहराना पूर्णत अनुचित एवं अन्याय पूर्ण है।
महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) अपने अपने कार्य क्षेत्र में प्रत्येक प्रसूता एवं गर्भवती महिलाओं का समय सीमा में 12 सप्ताह पर पंजीकरण, जॉच, परामर्श, देखरेख, टीकाकरण, अन्तराल साधन, महिला/पुरुष नसबंदी, आयुषमान कार्ड, कभी टीवी सर्वे, कुष्ठ रोग, सर्वे रोज रोज नये ऐपों पर एन्ट्री, यू विन, पीसीटीएस, एनसीडी, निश्चय आदि अपने कार्य क्षेत्र में उच्च जोखिम (एचआरपी) गर्भवती चिन्हित होने पर तत्काल काउंसलिग कर उच्च चिकित्सा संस्थानों पर रेफर करने में अहम भूमिका निभाती है इसके उपरान्त होने वाली प्रसूता मृत्यु के लिए एएनएम को दोषी ठहराना उचित नही है तथा उच्च अधिकारीयों द्वारा दबाब बनाकर उन्हे मानसिक रूप से प्रताडित करना न्याय संगत नही है।
- उच्च जोखिम (एचआरपी) गर्भवती एवं प्रसूता मृत्यु के मामलों में एएनम को दोषी नही ठहराया जाऐ एवं अन्य कार्य न थोपे जाए।
- धारा 17 (लघु शास्ति) एएनएम एचआरपी केश की आरसीएच पोर्टल पर एन्ट्री तथा धारा 17 के तहत जारी पत्र एवं वेतन वृद्धि में शिथिलता बरती जाए।


