PALI SIROHI ONLINE
बागौड़ा-बागोड़ा-जूना चैनपुरा रोड पर शुक्रवार शाम हुए सड़क हादसे में मृतक प्रकाश बेटा दलाराम का शव करीब 18 घंटे तक बागोड़ा सीएचसी की मोर्चरी में रखा रहा। रास्ते की मांग को लेकर परिजन शव लेने से इनकार कर रहे थे। शनिवार को प्रशासन और परिजनों के बीच समझाइश के बाद रास्ते को लेकर सहमति बनी और परिजन शव लेने के लिए राजी हो गए।हादसे में हुई थी दो युवकों की मौत
शुक्रवार शाम बागोड़ा-जूना चैनपुरा रोड पर दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई थी। हादसे में बागोड़ा निवासी प्रकाश बेटा दलाराम और जूना चैनपुरा निवासी गोतम कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने दोनों शवों को बागोड़ा सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया था।
स्थायी रास्ते की मांग पर अड़े थे परिजन
प्रकाश के परिजनों का कहना था कि उनके घर तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं है। परिजन स्थायी रास्ता या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में परिजन और समाजजन करीब 18 घंटे तक मोर्चरी के बाहर मौजूद रहे। मौके पर पुलिस जाप्ता भी तैनात रहा।
वैकल्पिक रास्ते से शव ले जाने पर बनी सहमति
प्रशासन की ओर से वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की गई। अधिकारियों और परिजनों के बीच लगातार बातचीत और समझाइश के बाद वैकल्पिक मार्ग से शव को घर ले जाने पर सहमति बनी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन प्रकाश का शव लेकर घर के लिए रवाना हो गए। प्रशासनिक वाहन भी उनके साथ रास्ते तक मौजूद रहा।
तहसीलदार हुक्माराम, थानाधिकारी बलदेवराम और पटवारीकिशनलाल सहित प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले में मौके पर मौजूद रहे और परिजनों से समझाइश करते रहे।

