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तिथि संवत् : कार्तिक, शुक्ल पक्ष त्रयोदशी, सोमवार रात्रि 02:06 रहेगी, विक्रम संवत् 2082, शाके 1947, हिजरी 1447, मुस्लिम माह जमादि उल अव्वल तारीख 11, सूर्य दक्षिणायन, हेमंत ऋतु, 3 नवंबर।
सूर्योदय कालीन नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद नक्षत्र दोपहर 03:06 तक, इसके बाद रेवती नक्षत्र रहेगा। हर्षण योग सायं 07:39 तक, इसके बाद वज्र योग रहेगा। कौलव करण दोपहर 03:37 तक, इसके बाद तैतिल करण रहेगा।
ग्रह विचार (प्रातः 05:30) सूर्व-तुला, चंद्र-मीन, मंगल-वृश्चिक, बुध-वृश्चिक, गुरु-कर्क, शुक्र-तुला, शनि-मीन, राहु-कुंभ, केतु-सिंह राशि में स्थित है।
राहुकाल: प्रातः 07:30 से 09:00 तक रहेगा। दिशाशूल : पूर्व दिशा : यदि जरूरी हो तो मिश्री या सौंफ खाकर यात्रा कर सकते हैं।पंचक, गंडमूल प्रारंभ दोपहर 03:06 से। शुभाशुभ ज्ञानम्: सोम प्रदोष व्रत, राधावल्लभ पाटोत्सव
चौघड़िया मुहूर्त : प्रातः 06:42 से 08:04 तक अमृत कर, प्रातः 09:26 से 10:48 तक शुभ का, दोपहर 01:33 से 02:55 तक चर का, दोपहर 02:55 से सायं 05:39 तक लाभ व अमृत का चौबड़िया रहेगा।
सायंकाल शिव मंदिर जाकर उनका अभिषेक कर पूजन करें, फिर नीराजन करें और एक समय भोजन करें तो उनकी कृपा बनी रहती है। हर्षण योग में सोने का दान करने का विशेष महत्व है। यह शुभ फलदायी होता है।
