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खीमाराम मेवाडा
इन दिनो कियोस्क संचालको पर मंडराया रोजी-रोटी का संकट कैबिनेट मंत्री से लगाई गुहार
वषॅ 2001 मे मुख्यमंत्री रोजगार योजनानुसार 10 वषॅ के लिए लीज पर आवंटन किए थे कियोस्क
अब नगरपालिका मौखिक सुचना देकर हटाने की कार्रवाई कर रही तैयारी- संचालक षरेशान
तखतगढ 12 जून (खीमाराम मेवाडा) तखतगढ नगर पालिका क्षेत्र मे राजस्थान सरकार द्वारा बेरोजगार को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वषॅ 2001 मे मुख्यमंत्री रोजगार योजनानुसार सिचाई विभाग डाक बंगला के सहारे एव नेहरू रोड, मैन रोड बिजली विभाग के सहारे सहित कई जगहो पर 10 वषॅ के लिए लीज पर कियोस्क आवंटन किए थे। जहा आज तक मुख्य आवेदनकर्ता द्वारा आगे से आगे कियोस्क को किराए पर देकर चांदी लूटते रहे। और वर्तमान मे थडॅ पाटीॅ द्वारा कियोस्क मे करीबन 25 वषोॅ से अपनी रोजी-रोजी के लिए छोटी छोटी दुकान चला कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे है।
हालाकि उनकी समया अवधि समाप्त होने के उपरांत भी सरकार की मेहरबानी से बिना किसी अडचन पीछले 25 वषोॅ से अपना जीवनयापन चलाते आ रहे है। लेकिन अब प्रदेश की डबल इंजन की सरकार मे नगरपालिका प्रशासन द्वारा नाला निर्माण को लेकर कियोस्क संचालको को बिना किसी लिखित नोटिस दिए मौखिक सुचना देकर 4 दिन के भीतर कियोस्क गिरा कर हटाने की कार्रवाई की तैयारी को लेकर बिजली कनेक्शन कटवाकर दुकाने खाली की चेतावनी के बाद खाली भी करवा दी ऐसे मे लेकिन अब दजॅनो कियोस्क संचालको पर भयंकर रोजी-रोटी का संकट खडा होते नजर आने से कियोस्क संचालको को भारी परेशानीयो से झुझना पड रहा है। कि अब जाए तो कहा जाए। कियोस्क संचालको का कहना है। हमने कभी सोचा भी नही था। और चार दिन पूर्व अचानक ही नगरपालिका कमीॅयो द्वारा बिना कोई नोटिस दिए कहा गया की अपनी अपनी दुकान का बिजली कनेक्शन कटवाकर दुकाने को खाली कर देना अब इन दुकाने को गिराया जाएगा यहा से नाला निर्माण होगा। जिस से कई कियोस्क संचालको ने अपनी दुकान खाली कर दी और नेताओ से सहयोग करने की अपील कर रहे है कि आखिर नाला निर्माण तो दुकानो के आगे होगा। जबकी कुछ अभी भी बैठे है।
कियोस्क संचालको का कहना है। कि जब सरकार ने रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए वषॅ 2001 मे कियोस्क आवंटन किए थे। तो समय अवधि समाप्त होते ही गिरा देना था। अब अचानक ही खाली करने की चेतावनी दी है। तो हम कहा जाएगे या तो अन्य जगह दी जाय अनयथा हमे हमारा परिवार पालना मुस्किल हो जाएगा। संचालको ने गुरुवार को तखतगढ दौरे पर रहे कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के समक्ष भी शिकायत कर दुकाने नही गिराने की अपील करने पर मंत्री कुमावत ने रास्ता निकाल ने का पुरा आश्वासन भी दिया है।
कैबिनेट मंत्री तक पहुंची शिकायत तो यह हो सकता है बिच का रास्ता
उनका कहना है। कि यदि नगरपालिका प्रशासन चाहे तो अपने स्तर पर कार्रवाई कर 2001 मे जिनके नाम कियोस्क आवंटन किए गए थे। उनके आवंटन रद्द कर सभी कियोस्क पालिका के अधिन रख नए सिरे से जो भी वर्तमान मे कियोस्क संचालक है। उनके नाम से ही एग्रीमेंट करवाकर मासिक किराए के लिए विचार विमर्श कर निधारित शुल्क तय कर दिया जाए तो हर महिना नगरपालिका मे आय होगी और संचालको का गुजारा भी चल सकता है। अब देखना यह है। क्या नगर पालिका प्रशासन मंत्री के आदेश का पालन करने मे कितनी सहभागीता निभाती है। या नही
तो हो सकता है भू माफियो का कब्जा
सूत्रो कै अनुसार बताया गया की अगर नगर पालिका प्रशासन इन कियोस्क को गिरा कर हटाने की कार्रवाई करती है। तो हो सकता है बाद मे मामला ठंडा पडते ही इस जमीन पर भू माफियो की कडी नजर रहेगी। जो कभी भी इस पर सांठगांठ कर कब्जा कर सकते है। क्योकि इससे पूर्व भी पिछले बोर्ड के कार्यकाल मे इसी सिचाई विभाग डाक बंगला के सहारे तत्कालिन अधिकारी एव भू माफियो ने सांठगांठ कर करोडो की जमीन को अनुज्ञा पत्र के जरिए बेचकर चांदी बटोरने मे माहिर रहे। जिस की भनक लगते ही तुरंत बोर्ड के सदसयो ने संभागीय आयुक्त के समक्ष पेश होकर स्थगन आदेश ले रखा था। जिस पर पुन: 2021 मे लगातार दुसरी बार भाजपा का बोर्ड बनते ही पहली बैठक मे उसी अनुज्ञा पत्रो को सिरे से खारिज करने का प्रस्ताव पारित किया जा चूका है।
इनका कहना है –
वषॅ 2001 मे राजस्थान सरकार द्वारा रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए कियोस्क आवंटन किए गए थे।जो 10 वषॅ के लिए ही थे। उनकी समय अवधि निकल चुकी है। अब यहा नाला निर्माण किया जा रहा है। नगर पालिका धारा दुकाने खाली करने के लिए मौखिक रूप से कहा गया है। कोई लिखित मे नही दिया गया।इस पर विचार कर रास्ता निकालते है।
— मगराज चौधरी अधिशासी अधिकारी नगर पालिका तखतगढ़

