साण्डेराव बस स्टैंड पर पहली ही बारिश में ड्रेनेज सिस्टम फेल, होटलों के सामने भरा घुटनों तक पानी; राहगीर और दुकानदार बेहाल
PALI SIROHI ONLINE
नटवर मेवाडा
*साण्डेराव बस स्टैंड पर पहली ही बारिश में ड्रेनेज सिस्टम फेल, होटलों के सामने भरा घुटनों तक पानी; राहगीर और दुकानदार बेहाल*
साण्डेराव। मानसून की पहली ही बारिश ने साण्डेराव बस स्टैंड की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। करोड़ों रुपये के बजट से बनी नई सड़क, नालियां पहली ही परीक्षा में पूरी तरह फेल साबित हुईं, जिससे शनिवार को साण्डेराव बस स्टैंड टापू में तब्दील नजर आया। नालियों की सफाई न होने और लचर ड्रेनेज सिस्टम के कारण बारिश का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित होटलों और दुकानों के ठीक सामने घुटनों तक पानी जमा हो गया है।
*जाम पड़ी नालियां, होटलों के सामने बना समंदर*
शनिवार को हुई इस पहली बारिश के बाद बस स्टैंड के सामने की नालियों से पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई। नालियों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य मार्ग और आसपास की होटलों के प्रवेश द्वारों तक पहुंच गया। होटलों के सामने पानी भरने से जहां एक तरफ ग्राहकों का आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया, वहीं होटल व्यवसायियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का आरोप है कि प्रशासन को कई बार नालियों की सफाई के लिए सचेत किया गया था, लेकिन लापरवाही का नतीजा आज पूरी जनता भुगत रही है।
*यात्रियों और वाहन चालकों की बढ़ी मुसीबतें*
बस स्टैंड पर पानी का भराव होने से सफर करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। बसों से उतरते ही यात्रियों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। दुपहिया वाहन चालक पानी में फिसल रहे हैं, तो वहीं पैदल चलने वाले राहगीर कीचड़ और मलबे के बीच से रास्ता खोजने को मजबूर हैं। पहली ही बारिश में इस तरह के बदतर हालात होने से स्थानीय प्रशासन के मानसून पूर्व तैयारियों के दावों की पूरी तरह हवा निकल गई है। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त कर पानी की निकासी नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
