• May 30, 2026

आबूराज परिक्रमा में 12 हजार श्रद्धालु पहुंचे: 170 किमी पदयात्रा, रेवदर में किया स्वागत

PALI SIROHI ONLINE

रेवदर, सिरोही-अरावली की वादियों में आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मोईवाडा मठ के महंत राज भारती के सानिध्य में ऐतिहासिक आबूराज परिक्रमा में इस बार करीब 12 हजार श्रद्धालुओं ने शामिल होकर 170 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की। मंगलवार को वास्तानेश्वर मंदिर से शुरू हुई आबूराज परिक्रमा का शुक्रवार सुबह समापन हुआ ।रेवदर के गांवों से निकला जत्था

परिक्रमा का विशाल जत्था रेवदर उपखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से होकर गुजरा, जहां ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का जगह-जगह भव्य स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। गुरुवार को उपखण्ड के डाक और बापुड़ा में भव्य स्वागत हुआ ।

परिक्रमा में महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्गों के साथ छोटे बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल थे। श्रद्धालु पांच किलोमीटर लंबी कतार में पैदल चलते नजर आए। यात्रा के दौरान गांव-गांव में पुष्पवर्षा, शीतल पेय, भोजन, चाय-नाश्ता और विश्राम की व्यवस्था की गई। कई सामाजिक संगठनों, भामाशाहों और ग्रामीणों ने सेवा-सत्कार कर श्रद्धालुओं के लिए अनुकरणीय उदाहरण पेश किया।संस्कृति, एकता और सेवा भावना का प्रतीक परिक्रमा

श्रद्धालुओं ने बताया कि यह परिक्रमा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, एकता और सेवा भावना का प्रतीक बन चुकी है। पिछले 28 वर्षों से लगातार आयोजित हो रही इस यात्रा में हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है।

परिक्रमा मार्ग में डाक, बापूडा सहित उपखंड क्षेत्र के कई गांवों में श्रद्धालुओं का जोरदार स्वागत हुआ। यात्रा के विश्राम स्थलों पर भजन संध्या और महाप्रसादी का आयोजन हुआ।

देवस्थानों के दर्शन किए

यात्रा के दौरान कई प्राचीन और सिद्ध देवस्थानों के दर्शन भी श्रद्धालुओं ने किए। हर-हर महादेव और भक्ति गीतों की गूंज से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा सहायता, पानी के टैंकर और सुरक्षा व्यवस्था भी की गई, जिससे यात्रा सुचारू रूप से आगे बढ़ती रही।

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