बीमा कंपनी की लापरवाही पर कंज्यूमर कोर्ट का आदेशः जेसीबी मालिक को मरम्मत राशि, जुर्माना और ब्याज देने के आदेश
PALI SIROHI ONLINE
जालोर-जालौर में जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी के खिलाफ अहम फैसला सुनाते हुए जेसीबी मालिक के पक्ष में आदेश पारित किया है। आयोग के पीठासीन अधिकारी घनश्याम यादव ने स्पष्ट किया कि बीमा कंपनी ने क्लेम का भुगतान करने में सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार किया है, इसलिए उसे मरम्मत राशि सहित हर्जाना और ब्याज के साथ भुगतान करना होगा।माइंस में हादसे के बाद क्षतिग्रस्त हुई थी जेसीबी मशीन
प्रकरण के अनुसार परिवादी हयात खान निवासी जालौर ने अपनी जेसीबी मशीन का बीमा मेग्मा एचडीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया हुआ था। 23 जुलाई 2020 को माइंस में कार्य के दौरान अचानक पत्थर गिरने से मशीन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें कांच, रेडिएटर सहित कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा।
क्लेम के बावजूद बीमा कंपनी ने नहीं किया भुगतान
हादसे के बाद परिवादी ने तुरंत बीमा कंपनी को सूचना देकर क्लेम प्रस्तुत किया। कंपनी की ओर से कोविड महामारी का हवाला देते हुए मौके पर निरीक्षण नहीं किया गया और केवल फोटोग्राफ व ऑनलाइन दस्तावेज मांगे गए। बाद में परिवादी ने 99,894 रुपए के मरम्मत बिल प्रस्तुत किए, लेकिन इसके बावजूद बीमा कंपनी ने भुगतान करने से इनकार कर दिया।
आयोग ने माना सेवा में कमी, कंपनी पर लगाया जुर्माना
सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ने बिना उचित कारण क्लेम राशि का भुगतान नहीं किया और परिवादी को परेशान किया। इसे सेवा में कमी मानते हुए आयोग ने आदेश दिया कि कंपनी 99,894 रुपये की मरम्मत राशि 21 सितंबर 2020 से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करे।हर्जाना, वाद व्यय और उपभोक्ता कोष में राशि जमा कराने के आदेश
आयोग ने बीमा कंपनी को मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए 50,000 रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 20,000 रुपए देने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उपभोक्ता कल्याण कोष में 30,000 रुपए जमा कराने का आदेश दिया गया है। आयोग ने अपने फैसले में कहा कि भविष्य में इस प्रकार की सेवा में कमी की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
