• May 18, 2026

पाली-नशे की मनुहार करने पर छोड़ेंगे खाना और प्रोग्राम, बाल विवाह-मृत्युभोज पर भी रोक; गंगाप्रसादी में बनेगी लापसी

PALI SIROHI ONLINE

पाली-गुर्जर समाज में अब किसी भी सामाजिक समारोह में नशे की मनुहार नहीं होगी। अगर किसी आयोजन में डोडा, अफीम या शराब जैसी नशे की चीजों की मनुहार की गई तो समाज के लोग वहां खाना नहीं खाएंगे और कार्यक्रम छोड़कर चले जाएंगे।

इतना ही नहीं, इसकी सूचना पुलिस को भी दी जाएगी। समाज ने बाल विवाह और मृत्युभोज जैसी कुरीतियों पर भी रोक लगाने का फैसला किया है। वहीं गंगाप्रसादी में मिठाई के नाम पर सिर्फ लापसी बनाने का निर्णय लिया गया है।देवडूंगरी महापंचायत में सर्वसम्मति से लिए गए फैसले

समाज सुधार से जुड़े ये अहम निर्णय लिए गए। ये फैसले भगवान देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवडूंगरी और 11 हथाई गुर्जर समाज मारवाड़ की ओर से लिए गए।

महापंचायत 16 मई को पाली जिले के चंडावल के पास देवडूंगरी भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में हुई। फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।

बैठक में अध्यक्ष राजूराम मिणदार मौजूद रहे। उनके साथ बड़ी संख्या में समाजबंधु और कार्यकारिणी सदस्य भी उपस्थित थे।

पांच जिलों में लागू रहेंगे नए सामाजिक नियम

महापंचायत में पाली, जोधपुर, ब्यावर, जालोर और नागौर जिले के गुर्जर समाज के लोग शामिल हुए। समाज की ओर से लिए गए ये फैसले अब इन पांचों जिलों में लागू रहेंगे।

देवडूंगरी को गुर्जर समाज में ‘गुर्जर हाईकोर्ट’ के नाम से भी जाना जाता है।

फिजूलखर्ची रोकने और शिक्षा बढ़ाने पर जोर

भगवान देवनारायण मंदिर ट्रस्ट देवडूंगरी और 11 हथाई गुर्जर समाज मारवाड़ के उपाध्यक्ष नारायणलाल फौजी ने बताया -समाज में बढ़ती फिजूलखर्ची को रोकने, सामाजिक कुरीतियोंसे समाजबंधुओं को दूर करने और बालक-बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ये निर्णय लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि समाज के साथ-साथ हर परिवार की प्रगति हो, इसी सोच के साथ महापंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए।

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