एक महीने तक नहीं होंगे शुभ कार्यः सूर्य के गोचर के साथ शुरू हुआ खरमास, शादी-विवाह समेत मांगलिक कार्यों पर अप्रैल तक रोक
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जोधपुर-ग्रहों के राजा सूर्य के कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास की शुरुआत हो गई है। जिसके चलते करीब एक महीने तक गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन, शादी-विवाह और यज्ञोपवीत जैसे अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में शुभ कार्य नहीं किए जाते। यह खरमास अप्रैल तक चलेगा, इसके बाद ही विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यक्रम दोबारा शुरू हो सकेंगे। 13 अप्रैल तक सूर्य मीन राशि में रहेंगे। इस अवधि में खरमास माना जाएगा।
मीन राशि के बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य
सूर्य 14 अप्रैल की शाम 04:02 बजे तक मीन राशि में रहेंगे, इसके बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में भगवान विष्णु की पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना जाता है।
पंडित विष्णु पंचारिया के अनुसार, पौराणिक मान्यताओं में जब सूर्य धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, उस अवधि को खरमास कहा जाता है। इस समय सूर्य का प्रभाव अपेक्षाकृत मंद माना जाता है, जिससे विवाह और अन्य शुभ संस्कारों के लिए अनुकूल योग नहीं बनते। वैदिक ज्योतिष में विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए सूर्य, गुरु और शुक्र का शुभ स्थिति में होना आवश्यक माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, विवाह के लिए शुभ लग्न -वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु और मीन, जबकि शुभ नक्षत्र -अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, मघा, चित्रा, स्वाति, हस्त, अनुराधा और उत्तरा फाल्गुनी को अनुकूल माना जाता है।
29 जुलाई से 25 नवंबर तक चातुर्मास रहेगा
इस वर्ष अधिक मास का विशेष संयोग बन रहा है। ज्येष्ठ मास दो माह तक रहने से 17 मई से 15 जून तक मलमास रहेगा। इस दौरान भी शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे। इसके बाद 29 जुलाई से 25 नवंबर तक चातुर्मास रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं, इसलिए मांगलिक कार्यों पर विराम रहता है।
