जालोर के सिरे मंदिर में महायज्ञ, सीएम योगी ने दी आहुतिः धर्मसभा को किया संबोधित, भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की
PALI SIROHI ONLINE
जालोर-जालोर के कनकाचंल पहाड़ी पर स्थित सिरे मंदिर में आयोजित महायज्ञ कार्यक्रम में सोमवार को योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया। रत्नेश्वर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चल रहे महायज्ञ में योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुति दी और मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
महायज्ञ के बाद मंदिर परिसर में धर्मसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा मंदिर में आते समय मुझे बताया गया कि यहां बंदरों का चौराहा है। बड़ी संख्या में बंदर वहां आ गए थे। हम देखते हैं कि बंदर छीना-झपटी करते हैं, लेकिन शालीनता के साथ। हमने एक को रोटी दी, उसे दूसरी दे रहा था, लेकिन उसने दूसरी नहीं ली, जब तक उसने पहली खा नहीं ली।
अगर मनुष्य भी अपने जीवन में हड़पने और संचय करने की बजाय, जिसके पास नहीं है उसके पास पहुंचाने का भाव रख ले तो अशांति का भाव दूर किया जा सकता है। अराजकता को दूर किया जा सकता है। लोभ से बचना भी साधना है।
5 किलो के फूलों के हार से किया स्वागत
कार्यक्रम के दौरान मंदिर समिति और शहर के लोगों की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया गया। मंच पर उन्हें करीब 5 किलो फूलों से बने बड़े हार पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस दौरान मंदिर समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
दूसरे दिन भी जालोर दौरे पर योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने जालोर दौरे के दूसरे दिन भी सिरे मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने महायज्ञ में भाग लेने के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और धर्मसभा में उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
रविवार को जालोर पहुंचे थे मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को हेलिकॉप्टर से जालोर पहुंचे थे। यहां उन्होंने सिरे मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और शांतिनाथ बालिका आदर्श स्कूल का भी दौरा किया।
स्कूल में मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए जालोर की वीरता और त्याग की परंपरा का उल्लेख किया। जनसभा के बाद मुख्यमंत्री सिरे मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने गादीपति के दर्शन किए और मंदिर परिसर में ही रात्रि विश्राम किया।

