• April 22, 2026

सिरोही-महाकाल मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान शुरू,  निकली भव्य कलश यात्रा, वराडा में हनुमानजी के मेले में उमड़े लोग

PALI SIROHI ONLINE

सिरोही-शहर के गायत्री मंदिर परिसर में नवनिर्मित महाकाल मंदिर में शिव परिवार की तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान बुधवार से आरम्भ हुआ। इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से शहर में कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहीं, वराडा कस्बे में बुधवार को सिद्ध पीठ श्री हनुमानजी के वार्षिक मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।गायत्री परिवार की प्रधान ट्रस्टी रंजन देवी ने बताया कि बुधवार को चामुंडा माता मंदिर में मां चामुंडा व भेरुजी महाराज की साक्षी में कलश पूजन किया गया। पुष्कर से आए विद्वान आचार्य सुरेश शर्मा, देवेंद्र साहू और पाली उपजोन प्रभारी हरिगोपाल सोनी ने यह पूजन संपन्न करवाया।

इस अवसर पर कलश का महत्व बताते हुए कहा गया कि कलश यात्रा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है। यह देवी-देवताओं का आह्वान करने, प्राण प्रतिष्ठा स्थल को दिव्य ऊर्जा से भरने और भक्तों की आस्था को मजबूत करने का माध्यम है। कलश में जल भरकर ढोल-थाली के साथ श्रद्धालु गायत्री मंदिर के लिए रवाना हुए।

यात्रा में 51 कन्याओं और महिलाओं ने सिर पर कलश धारण किए हुए थे। अन्य महिलाएं गीत गाती और शिव का जयकारा लगाती हुई चल रही थीं। कलश यात्रा बस स्टैंड रोड, सरजावाव और राजमाता धर्मशाला होते हुए गायत्री मंदिर पहुंची, जहां पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया।मंदिर पहुंचने पर कलश की आरती कर उन्हें स्थापित किया गया। पुष्कर से आए सुरेश शर्मा ने बताया कि कलश यात्रा हिंदू धर्म में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। रंजन देवी ने जानकारी दी कि दिन में प्रायश्चित कर्म, गायत्री स्तवन, दुर्गा सप्तशती का पाठ और परिजनों द्वारा अखंड महा मृत्युंजय जाप भी आरंभ किया गया। शाम को दीप यज्ञ हुआ, जिसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

अनुष्ठान के तहत 23 अप्रैल की सुबह 9 बजे से नौ कुण्डीय यज्ञ आरंभ होंगे। दिन में भगवान के अधिवास, षोडश उपचार, पंच स्नान, महामृत्युंजय जाप, गायत्री मंत्र जाप, दुर्गा सप्तशती पाठ और भगवान के अभिषेक सहित विभिन्न अनुष्ठान किए जाएंगे।

वराडा में हनुमानजी का वार्षिक मेला संपन्न

वराडा कस्बे में बुधवार को सिद्ध पीठ श्री हनुमानजी का वार्षिक मेला संपन्न हुआ। अत्यधिक गर्मी और तपती धूप के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था बनी रही और पूरा क्षेत्र ‘जय बजरंगबली’ के जयकारों से गूंज उठा।

मेला कमेटी के गिरधारी लाल पुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ अलसुबह मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती के साथ हुआ। इसके बाद विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण किया गया। हनुमानजी को फल-चुंदड़ी चढ़ाकर बाल भोग लगाया गया, जिसके बाद विशाल प्रसादी का वितरण शुरू हुआ।

सुबह गांव के मुख्य मार्गों से एक शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों की थाप पर केसरिया साफा पहने युवाओं ने नृत्य किया। शोभायात्रा के दौरान उड़ते गुलाल और गूंजते जयकारों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यह यात्रा मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।मेले में सजे हाट-बाजार, झूले, खिलौनों और मिठाइयों की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। भीषण गर्मी को देखते हुए मेला कमेटी और ग्रामीणों द्वारा जगह-जगह छाया, ठंडे पेयजल और विशेष पांडालों की व्यवस्था की गई थी। स्थानीय व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर सेवा कार्यों में सहयोग दिया। बच्चों ने झूलों और कुल्फी-आइसक्रीम का आनंद लिया। दोपहर में आयोजित भजन संध्या में कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।

इस आयोजन के मुख्य लाभार्थी वराडा निवासी राजपुरोहित गलबाजी और उनका परिवार रहे। मेला कमेटी द्वारा लाभार्थी परिवार एवं अन्य सहयोगियों का सम्मान किया गया।

मेले में राजनीति और समाज के विभिन्न गणमान्य लोगों ने शिरकत की, जिनमें पूर्व विधायक संयम लोढ़ा, जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित, भाजपा नेता छगन घांची, प्रधान हंसमुख मेघवाल, गोविंद पुरोहित और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शैतान सिंह मौजूद रहे।

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