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तखतगढ-अब MSP खरीद केंद्र प्रशासन के लिए परीक्षा की घड़ी बनते जा रहे है

Pintu Aggarwal by Pintu Aggarwal
April 21, 2026
in Local
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तखतगढ-अब MSP खरीद केंद्र प्रशासन के लिए परीक्षा की घड़ी बनते जा रहे है

PALI SIROHI ONLINE

खीमाराम मेवाडा

अब MSP खरीद केंद्र प्रशासन के लिए परीक्षा की घड़ी बनते जा रहे है

तखतगढ के बाद अब सांडेराव में MSP खरीद पर संकट के बादल 95% सीमा पूर्णहोने के बाद सांडेराव केंद्र बंद होने के कगार पहुंच गया है।इस आशंका से किसानों में उबाल आने लगा है।

तखतगढ जवाई कमांड क्षेत्र सुमेरपुर आहोर के प्रमुख गेहूं उत्पादक इलाके तखतगढ-सांडेराव में इस समय किसानों के बीच खरीद की समय सीमा को लेकर भारी चिंता का माहौल है। भारतीय खाद्य निगम द्वारा संचालित गेहूं खरीद केंद्र अपनी निर्धारित क्षमता का लगभग 95% खरीद कर चुका है। जिसके चलते केंद्र के अचानक बंद होने के कगार पर चल रही चर्चाओं ने किसानों की नींद उड़ा दी है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सांडेराव केंद्र पर 446 किसानों द्वारा कुल 5305 मीट्रिक टन गेहूं का पंजीकरण किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 89 किसानों से 854.50 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है तथा किसानों को ₹2,33,71,942.50 (दो करोड़ तैंतीस लाख इकहत्तर हजार नौ सौ बयालिस रुपये पचास पैसे) का भुगतान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किया जा चुका है।

गौरतलब है कि केंद्र की कुल निर्धारित खरीद क्षमता मात्र 913 मीट्रिक टन है, जो लगभग पूरी होने के कगार में है, जबकि शेष पंजीकृत किसानों की बड़ी संख्या अभी भी अपनी उपज बेचने की प्रतीक्षा में है। चिंताजनक तथ्य यह भी है कि खरीद क्षमता बढ़ाने को लेकर पूर्व मे तखतगढ से भी किसान मांग कर चूके है। लेकिन सरकार का अब तक कोई स्पष्ट रूख या निर्देश जारी नहीं हुए हैं, जिससे किसानों में असमंजस और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।

क्षेत्र में इस वर्ष बेहतर उत्पादन के कारण हजारों किसानों ने MSP पर बिक्री हेतु पंजीकरण करवाया है, लेकिन वर्तमान स्थिति में यदि खरीद सीमा पूरी होते ही केंद्र बंद कर दिया जाता है, तो बड़ी संख्या में किसान सरकारी MSP लाभ से वंचित रह जाएंगे।

किसानों और किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते खरीद सीमा नहीं बढ़ाई गई, तो यह स्थिति गंभीर किसान आक्रोश का रूप ले सकती है। किसानों का कहना है कि सरकार की मंशा किसानों को राहत देने की है, लेकिन जमीनी स्तर पर सीमित खरीद क्षमता के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसान प्रतिनिधियों ने प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि—

  • सांडेराव केंद्र की खरीद सीमा तत्काल प्रभाव से बढ़ाई जाए,
  • गेहूं खरीद कार्य को बिना किसी रुकावट लगातार जारी रखा जाए,
  • पंजीकृत सभी किसानों से MSP पर खरीद सुनिश्चित की जाए।

किसानों का स्पष्ट कहना है कि “यदि केंद्र अचानक बंद हुआ, तो यह सीधे-सीधे किसानों के हितों के साथ अन्याय होगा।” वर्तमान हालात को देखते हुए यह मुद्दा अब प्रशासन के लिए परीक्षा की घड़ी मे टेडी खीर बन गया है।

अब निगाहें उच्च अधिकारियों के निर्णय पर टिकी हैं कि वे किसानों की इस गंभीर समस्या का समाधान कितनी शीघ्रता से करते हैं।

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