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जालोर-जालोर पुलिस ने हत्या के 2 अलग-अलग मामलों का पर्दाफाश किया है। इनमें एक भाई की हत्या के आरोप में दूसरे भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले भी हत्या के अपराध में 5 साल की जेल काट चुका है।
घटना जिले के बिशनगढ़ थाना क्षेत्र में हुई थी। एसपी शैलेंद्रसिंह इंदौलिया ने बताया- पहले मामले में 1 जनवरी 2026 को खेकाराम भील ने बिशनगढ़ थाने में रिपोर्ट दी थी।
इसमें ऐलाना निवासी मांगीलाल और तेजाराम चौधरी के खेत को भावली (काश्तकारी) पर लिया हुआ था, जहां से उसका बेटा बुटाराम 21 दिसम्बर 2025 को गायब हो गया था। बाद में बुटाराम का शव 28 दिसम्बर 2025 को तेलवाडा सरहद पर मिला था।
खेकाराम भील ने मांगीलाल चौधरी और उसके भाई तेजाराम चौधरी पर बुटाराम की हत्या का शक जाहिर किया और जांच की मांग की थी।
कुल्हाड़ी के वार से कर दी थी भाई की हत्या
दूसरे मामले में 27 जनवरी 2026 को मांगीलाल चौधरी और तेजाराम चौधरी के ठेके पर लिए हुए जुगराज जैन के बेरे पर तेजाराम चौधरी का शव मिला था, जिसमें उसके सिर, हाथ और पांव पर गंभीर चोट के निशान थे। इसमें मृतक तेजाराम के बेटे जेताराम ने बुटाराम के पिता खेकाराम समेत अन्य परिजनों पर शक जाहिर करते हुए मामला दर्ज करवाया था।दोनों मामलों में तथ्य जुटाकर मृतक बुटाराम व तेजाराम के परिजनों से पूछताछ कर मांगीलाल चौधरी को संदिग्ध मानते हुए हिरासत में लिया। पूछताछ में मांगीलाल ने बताया कि उसने अपने भाई तेजाराम चौधरी की कुल्हाड़ी के वार से हत्या की थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
खेत में लगा रखे थे करंट वाले तार
पुलिस ने बताया कि आरोपी मांगीलाल व उसके भाई तेजाराम चौधरी ने गांव ऐलाना में गणपतसिंह राजपूत एवं जुगराज जैन के बेरे ठेके पर लिए हुए थे। चौथी बंटाई पर मृतक बुटाराम भील को खेती पर दिए हुए थे। मांगीलाल व तेजाराम ने खेत मे पशुओं से फसल की सुरक्षा के लिए करंट वाले तार लगाए हुए थे।
21 दिसम्बर 2025 को बुटाराम की इन्हीं तारों के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। इस बात को छुपाने और सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से मृतक बुटाराम की लाश को तेजाराम व मांगीलाल दोनों बुटाराम की बॉडी को गाड़ी में डालकर ले गए और तेलवाडा के जंगल में फेंककर आ गए। हालांकि मृतक के परिजनों ने दोनों पर हत्या करने का शक जाहिर किया।
इस पर पुलिस ने मांगीलाल और तेजाराम का नार्को टेस्ट करवाने लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद बुटाराम के परिवार और मांगीलाल के आपस में विवाद हो गया था। मांगीलाल को शक था कि नार्को टेस्ट में तेजाराम बुटाराम वाली बात बता देगा। इस कारण उसने 26 जनवरी 2026 को शाम को कुल्हाडी से तेजाराम के सिर, हाथ और पांव पर वार कर उसकी हत्या कर दी और आरोप बुटाराम के पिता व भाइयों पर लगा दिया। जांच में सामने आया कि मांगीलाल ने पहले भी अपने सगे साले की हत्या की हुई है, जिसमें वह 5 साल जेल में रह चुका है।

