• March 15, 2026

तखतगढ-नाला निर्माण की कछुआ चाल एव उडती धूल से त्रस्त व्यापारी व आमजन, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग

PALI SIROHI ONLINE

खीमाराम मेवाडा

नगरवासीयो की पीड़ा एक दास्तान आखिर कब खुलेगी कुंभकणीय नींद,और उडतीधूल, अव्यवस्था और अधूरे कार्यों से मिलेगा छुटकारा

नाला निर्माण की कछुआ चाल एव उडती धूल से त्रस्त व्यापारी व आमजन, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग

तखतगढ़ 14 माचॅ (खीमाराम मेवाडा) कस्बे से गुजरते एनएच 325 के मुख्य चोराए से लेकर नेहरू रोड तालाब तक नाला निर्माण का कार्य लंबे समय से प्रारम्भ से ही कार्य की कछुआ चाल निर्माण को लेकर व्यापारियों और आमजन ने कई बार विरोध जताया, हंगामे हुए, ज्ञापन भी दिए गए। इसके बाद कुछ समय के लिए कार्य की गति तेज हुई और होली से पहले कई दुकानों के सामने नाला निर्माण का कार्य पूरा कर दिया गया। लेकिन स्वामी विवेकानंद बस स्टैंड के आगे एक मिठाई की दुकान के सामने आज भी नाला अधूरा पड़ा है। लगभग 15 से 20 हजार रुपये मासिक किराया देकर अपना व्यवसाय चलाने वाला दुकानदार पिछले एक महीने से अधिक समय से परेशान है। दुकान के सामने खुदाई और अव्यवस्था के कारण व्यापार लगभग ठप हो गया है। मजदूर वर्ग से जुड़ा यह व्यापारी आखिर कब तक इस स्थिति को सहन करेगा, यह बड़ा सवाल बन गया है।

दूसरी ओर पूरे मार्ग पर मिट्टी ढेर और उडती धूल का अंबार लगा हुआ है। सड़क की सफाई नहीं होने से छोटे बड़े वाहनो की आवाजाही से धूल के गुब्बारे उड़ने लगते हैं। व्यापारी अपनी दुकानों को सजा कर बैठते हैं, लेकिन दो-तीन घंटे में ही धूल से पूरी दुकान भर जाती है। बाइक सवार, साइकिल चालक और पैदल चलने वाले लोग भी धूल से परेशान हो रहे हैं। आंखों में धूल, कपड़ों पर धूल और फैली गंदगी से आमजन त्रस्त हो चुका है।

बस स्टैंड के बाहर महावीर बस्ती से आने वाला मार्ग भी मिट्टी के ढेर के कारण बंद पड़ा है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। व्यापारी और आमजन लगातार समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन समाधान कहीं दिखाई नहीं दे रहा।

नगर के कई बुद्धिजीवी और जिम्मेदार लोग भी इस मुद्दे पर आगे आने को तैयार नहीं हैं। वही साईं लीला होटल के बाहर पिछले लगभग तीन वर्षों से केवल मिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया।

छोटे-छोटे कार्यों के कारण तखतगढ़ नगर की जनता लगातार परेशान हो रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन इस समस्या पर मौन साध कुंभकणीय नींद मै ही सोया हुआ है।

अब चुनाव का समय धीरे-धीरे नजदीक आ रहा है, तो नगरवासियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तखतगढ़ को इन परेशानियों से राहत मिलेगी। नगर की यह स्थिति कड़वा सच है, लेकिन हकीकत यही है कि व्यापारी और आमजन दोनों इस अव्यवस्था से बेहद परेशान हैं और प्रशासन से तुरंत प्रभाव से कार्य पूर्ण कराने तथा सड़क की सफाई करवाने की मांग कर रहे हैं।

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