सांडेराव-साध्वी जमना बाई की पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब,समाधि पर अर्पित किए श्रद्धासुमन
PALI SIROHI ONLINE
नटवर मेवाडा
*श्रद्धा और भक्ति का संगम: साध्वी जमना बाई की पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब,समाधि पर अर्पित किए श्रद्धासुमन*
*सांडेराव-* मारवाड़ गोडवाड़ की पावन धरा पर आध्यात्मिक चेतना की अलख जगाने वाली साध्वी जमना बाई की 23 वीं पुण्यतिथि आज पूरे श्रद्धा भाव और हर्षोल्लास के साथ मनाई । अम्बिका मंदिर में स्थित साध्वी जमना बाई की समाधि स्थल पर गुरुवार को सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा, जहां श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर सुख-समृद्धि की कामना की।
इस दौरान वैद पंडितों द्वारा समाधी स्थल पर फुल मालाओं से भव्य श्रृंगार और अखंड ज्योति लगा कर कीर्तन-भजन करते हुए पुण्यतिथि के अवसर पर साध्वी जी की समाधि का विशेष श्रृंगार किया गया। गेंदे और गुलाब के पुष्पों से सजी समाधि की आभा देखते ही बन रही थी। मंदिर परिसर में सुबह ब्रह्म मुहूर्त में विशेष अभिषेक के बाद अखंड हरि-कीर्तन शुरू हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। हाथ जोड़कर और शीश झुकाकर ग्रामीणों ने अपनी प्रिय साध्वी के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।
सेवा कार्यों से दी श्रद्धांजलि
साध्वी जमना बाई के ‘मानव सेवा ही माधव सेवा’ के संदेश को साकार करते हुए आश्रम समिति द्वारा भंडारा का आयोजन किया गया। नर-नारियों ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की।
इसके अतिरिक्त, पुण्यतिथि पर क्षेत्र के जरूरतमंद परिवारों और बच्चों को पाठ्य सामग्री वितरित कर सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया गया।
*भक्तों की है अटूट आस्था*
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि साध्वी जमना बाई का जीवन त्याग और तपस्या की मिसाल था।
उनकी समाधि स्थल पर आज भी भक्तों को मानसिक शांति की अनुभूति होती है। आयोजन को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने व्यवस्थाएं संभालीं। शाम को समाधि स्थल पर ‘एक दीया साध्वी के नाम’ अभियान के तहत दीपदान का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
