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तिथि संवत् : माघ, शुक्ल पक्ष त्रयोदशी, शनिवार प्रातः08:26 तक रहेगी, विक्रम संवत् 2082, शाके 1947, हिजरी 1447, मुस्लिम माह सावान, तारीख 11, सूर्य उत्तरायण,शिशिर ऋतु, 31 जनवरी। सूर्योदय कालीन नक्षत्र पुनर्वसु नक्षत्र रात्रि 01:34तक, इसके बाद पुष्य नक्षत्र रहेगा। विष्कुंभक योग दोपहर 01:33 तक, इसके बाद प्रीति योग रहेगा। तैतिल करण प्रातः 08:26 तक, इसके बाद गर करण रहेगा।
ग्रह विचार (प्रातः 05:30): सूर्य-मकर, चंद्र-मिथुन,मंगल-मकर, बुध-मकर, गुरु-मिथुन, शुक्र-मकर, शनि-मीन, राहु-कुंभ, केतु-सिंह राशि में स्थित है।
राहुकाल : प्रातः 09:00 से 10:30 तक रहेगा।
दिशाशूल : पूर्व दिशा: यदि जरूरी हो तो लौंग खाकरयात्रा कर सकते हैं।
शुभाशुभ ज्ञानम् : भद्रा अगले दिन प्रातः 05:53 से, शुक्रधनिष्ठा में सायं 05:37 से, शुक्र उदय पश्चिम में रात्रि 03:15 से, विश्वकर्मा जयंती, स्वामी रामचरण जयंती, मुनि धर्मनाथ जयंती, गुरु हरिराय जयंती दोनों मत से, मेला पावनधाम पंच खण्डेश्वर पीठ विराटनगर जयपुर, गुरु गोरखनाथ जयंती, चतुर्दशी तिथि क्षय, ललिता जयंती, जिनेन्द्र रथयात्रा जैन।
चौघड़िया मुहूर्त : प्रातः 08:38 से 09:59 तक शुभ का, दोपहर 12:40 से 02:01 तक चर का, दोपहर 02:01 से सायं 04:43 तक लाभ और अमृत का चौघड़िया रहेगा।
आज विशेष : आज विष्कुंभक योग में घी का दान करना शुभ फलदायी होता है। शनिवार को तिल दान करने, गाय को गुड़ खिलाने, हनुमान मंदिर में तिल के तेल का या चमेली के तेल का दीपक जलाने से शनि जनित सभी कष्ट दूर होते हैं।

