PALI SIROHI ONLINE
नागाणी-अनादरा के मालीवास मोहल्ले में मकर संक्रांति के दिन भावुक कर देने वाला संयोग सामने आया। 75 साल पहले शादी के समय साथ जीने मरने की कसमें खाने वाले दंपती की एक घंटे में मौत हो गई। 4 बजे पति की मौत के बाद उनका हाथ पकड़ विलाप करते हुए पत्नी कहती रही कि साथ जाने का वादा किया अकेला क्यों छोड़ गए। 1 घंटे बाद 5 बजे पत्नी ने भी देह त्याग दी।
दंपती के बेटे रणछोड़ भाई माली ने बताया कि उनके पिता हकमाराम माली (95) का निधन सुबह 4 बजे हुआ। पति के निधन की सूचना मिलते ही रकम देवी (87) पास आकर बैठ गई और एक घंटे तक हाथ थामे रहीं।
इस दौरान वह बार-बार रोते हुए कहती रही कि आप हमेशा कहते थे कि मुझे अपने साथ लेकर जाऊंगा, फिर आज मुझे अकेला क्यों छोड़ गए। लगभग एक घंटे बाद मां का निधन हो गया।
साथ-साथ ही रहते थे दोनों
रणछोड़ ने बताया कि माता-पिता जहां भी जाते साथ आते-जाते थे। पिता अक्सर मां से कहा करते थे कि दोनों साथ इस दुनिया से जाएंगे। उनका सामंजस्य इतना गहरा था कि एक घंटे में मां की सांसें उखड़ गई।
देवर से कहा-अब नहीं जी पाऊंगी
हकमाराम के छोटे भाई पदमाराम माली ने बताया कि बड़े भाई के निधन के बाद उनके पास बैठे थे। तब भाभी ने कहा- उन्होंने ने मुझे साथ ले जाने की बात कही थी और मुझे विश्वास है कि मैं ज्यादा देर जीवित नहीं रहूंगी। कुछ देर बाद उनका भी निधन हो गया। साथ जीने-मरने की कसम ऐसी निभाई कि एक साथ ही घर से दोनों की अर्थी उठाई गई व एक साथ पास-पास श्मशान में दोनों का अंतिम संस्कार किया

