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पाली-निजीकरण के विरोध में डिस्कॉम कार्मिकों का शक्ति प्रदर्शन, पाली वृत में 600 से अधिक कर्मचारी जुटे

Pintu Aggarwal by Pintu Aggarwal
April 16, 2026
in Local
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पाली-निजीकरण के विरोध में डिस्कॉम कार्मिकों का शक्ति प्रदर्शन, पाली वृत में 600 से अधिक कर्मचारी जुटे

PALI SIROHI ONLINE

जय नारायण सिंह सोजत

निजीकरण के विरोध में डिस्कॉम कार्मिकों का शक्ति प्रदर्शन, पाली वृत में 600 से अधिक कर्मचारी जुटे
पाली। जोधपुर डिस्कॉम संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले 15 अप्रैल 2026 को जोधपुर डिस्कॉम के सभी वृत मुख्यालयों पर निजीकरण के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्मिकों ने अधीक्षण अभियंता के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।


इसी क्रम में पाली वृत मुख्यालय पर कर्मचारियों ने विशाल धरना देकर शक्ति प्रदर्शन किया तथा अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विरोध जताया। इसके बाद कर्मचारियों ने रैली निकालते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम का नेतृत्व संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक प्रकाश पटेल (सहायक अभियंता, पाली) ने किया। पाली वृत संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष हेमंत पटेल, महामंत्री भेरूलाल मेवाड़ा, उपाध्यक्ष जीवन देवासी, संजय मीणा, महेश जिनगर तथा कोषाध्यक्ष सुरेश कुमावत ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन सफल बनाने का आह्वान किया।


पाली वृत से 600 से अधिक कर्मचारी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जोधपुर डिस्कॉम के प्रस्तावित निजीकरण से प्रदेशभर के विद्युत कर्मचारियों, अधिकारियों एवं करोड़ों उपभोक्ताओं में गहरा असंतोष और आक्रोश है।
ज्ञापन में रखे गए प्रमुख तर्क
समिति ने ज्ञापन में कहा कि निजीकरण जनहित और राज्यहित के विरुद्ध है। उड़ीसा में निजीकरण का अनुभव विफल रहा, जहां आपदा के समय निजी कंपनियां जिम्मेदारी निभाने में असफल रहीं। राजस्थान के कोटा, बीकानेर और भरतपुर जैसे शहरों में फ्रेंचाइजी मॉडल भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे सका।
समिति ने दावा किया कि डिस्कॉम का घाटा कर्मचारियों की वजह से नहीं, बल्कि दोषपूर्ण नीतियों, अत्यधिक आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा के कारण हुआ। कर्मचारियों के प्रयासों से AT&C लॉस 34 प्रतिशत से घटकर 22 प्रतिशत तक लाया गया, जिससे वर्ष 2023-24 और 2024-25 में वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ।
6000 करोड़ की राशि पर उठाए सवाल


संघर्ष समिति ने कहा कि जब सरकार RDSS योजना के तहत 6000 करोड़ रुपये बुनियादी ढांचे के सुधार पर खर्च कर रही है, तो उसका लाभ निजी कंपनियों को देना उचित नहीं होगा। यह निवेश सरकारी निगम को मजबूत करने के लिए होना चाहिए।
प्रमुख मांगें
जोधपुर डिस्कॉम के निजीकरण प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किया जाए।
6000 करोड़ रुपये की राशि केवल सरकारी तंत्र सुधार में खर्च की जाए।
कर्मचारियों को विश्वास में लेकर प्रबंधन सुधार लागू किए जाएं।
कई डिवीजनों में तालाबंदी
सोजत डिवीजन में भरत सिंह चरण एवं खंड अध्यक्ष सुरेंद्र सांखला के नेतृत्व में विभिन्न उपखंडों पर तालाबंदी रही। जैतारण, फालना, देसूरी, पाली शहर सहित कई मुख्यालयों पर कर्मचारियों ने एक दिन का अवकाश लेकर निजीकरण का बहिष्कार किया।
पाली वृत के महामंत्री नत्थाराम हरियामाली ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में डिस्कॉम मुख्यालय पर लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं निगम प्रशासन की होगी।

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