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जालोर-जालोर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओरसे जारी निर्देशों के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) से अपात्र लाभार्थियों के नाम स्वेच्छा से हटवाने के लिए गिव अप अभियान 31 दिसम्बर तक चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना है। जिले में अब तक 11,289 राशन कार्डधारकों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ दिया है।
जिला रसद अधिकारी आलोक झरवाल ने बताया कि विभाग द्वारा जिले के अधिकारियों, निरीक्षकों और उचित मूल्य दुकानदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे लाभार्थियों को चिह्नित कर स्वेच्छा से योजना से बाहर होने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो अब इस योजना के पात्र नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी अपात्र व्यक्ति इस स्वैच्छिक प्रक्रिया से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उचित मूल्य की दुकानों पर कार्रवाई की चेतावनी रसद अधिकारी ने चेतावनी दी कि जिन उचित मूल्य की दुकानों द्वारा इस अभियान में कार्यवाही शून्य पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पात्र एवं वास्तविक लाभार्थियों को ही खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ना प्रवर्तन एजेंसी की ज़िम्मेदारी है। इसके लिए डोर-टू-डोर पात्रता जांच और नए लाभार्थियों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि दुकानदारों द्वारा अपात्र लोगों की सूची तैयार कर सार्वजनिक स्थानों जैसे पंचायत समितियों, नगर पालिकाओं, कलेक्ट्रेट और रसद कार्यालय में चस्पा की जाएगी। साथ ही अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी किए जाएंगे और पूर्व में प्राप्त गेहूं की वसूली प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
1 जनवरी से की जाएगी वसूली
31 दिसम्बर तक स्वेच्छा से गिव-अप न करने वाले अपात्र लाभार्थियों से 1 जनवरी 2026 से 30.57 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं की वसूली की जाएगी। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई भी प्रस्तावित है।
